सौरभ दीक्षित
साहिबाबाद। हॉट सिटी में ध्वनि प्रदूषण का स्तर 85 डेसिबल के करीब पहुंच गया है। शहर में वैशाली मेट्रो स्टेशन, कौशांबी बस स्टेशन और नीति खंड में ध्वनि प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक है। इन स्थानों पर दोपहर 12 से तीन और शाम को पांच बजे से रात आठ बजे तक ध्वनि प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहता है।
ध्वनि प्रदूषण के चलते लोगों में तनाव, मांसपेशियों में खिंचाव और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। किसी भी एंड्रायड फोन पर साउंड डेसिबल मीटर ऐप के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण के स्तर का पता लगाया जा सकता है। टीएचए में लोग इस ऐप के माध्यम से शहर में विभिन्न स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण का स्तर मापते हैं।
बता दें कि ध्वनि प्रदूषण का सामान्य स्तर 55 डेसिबल के आसपास माना जाता है। ऐप से प्रदूषण मापने वालों का कहना है कि शहर के किसी भी भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐप से मापने पर स्तर 80 डेसिबल से कम नहीं मिलता है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
डॉक्टरों की मानें तो ध्वनि प्रदूषण का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। 100 डेसिबल के ध्वनि प्रदूषण में डेढ़ घंटे से अधिक समय तक रहना बेहद नुकसानदायक है। यह सीधे सुनने की क्षमता को प्रभावित करता है।
100 डेसिबल से अधिक ध्वनि में कुछ ही समय रहने पर सुनाई देना बंद तक हो सकता है। ध्वनि प्रदूषण से लोगों में तनाव, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में जकडन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं बढ़ रही है। शोर-शराबे में अधिक देर तक रहने से बचना बेहद जरूरी है।
ट्रैफिक सिग्नल पर सबसे अधिक शोर
शहर में ट्रैफिक सिग्नल पर ध्वनि प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक है। ट्रैफिक सिग्नलों पर दोपहर में ध्वनि प्रदूषण 85 डेसिबल के आसपास तक पहुंच जाता है। शहर की सड़कों पर रात में भी 65 डेसिबल के करीब ध्वनि प्रदूषण रहता है।
हेडफोन में 100 डेसिबल तक की ध्वनि होती है
हेडफोन में 95 से 110 डेसिबल तक की ध्वनि होती है। वहीं ट्रेन 90 डेसिबल तक की ध्वनि करती है। बंदूक से 135 डेसिबल तक की ध्वनि होती है।
शहर में ध्वनि प्रदूषण का स्तर
स्थान औसत ध्वनि प्रदूषण
कौशांबी बस स्टेशन के पास 70 से 80 डेसिबल
वैशाली 50 से 70 डेसिबल
कौशांबी मेट्रो 70 से 75 डेसिबल
इंद्रापुरम 75 डेसिबल
नीति खंड 70 से 75 डेसिबल