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पब्लिक स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी में यूपी सरकार

Fri, 21 Apr 2017 11:11 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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योगी सरकार - फोटो : file photo
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निजी पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर अब शिकंजा कसने जा रहा है। हर साल डेवलपमेंट चार्ज और फीस बढ़ोतरी को लेकर पैरेंट्स के प्रदर्शन को देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही निजी स्कूलों को कानून के दायरे में लाकर उन पर शिकंजा कस सकती है। यूपी के खाद्य एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग ने ऐसे संकेत दिए हैं।

राज्यमंत्री का कहना है कि शिक्षामंत्री अनुपमा जायसवाल के साथ पिछले दिनों हुई वार्ता के दौरान फीस मुद्दा भी उठा था।फीस वृद्धि और पब्लिक स्कूल संचालकों की तानाशाही को लेकर पिछले दिनों पैरेंट्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक एवं राज्यमंत्री अतुल गर्ग से मिला था।
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पैरेंट्स की शिकायत पर राज्यमंत्री ने उनकी बात शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। शुक्रवार को फोन पर हुई बातचीत के दौरान खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल से बात की थी।

उन्होंने बताया है कि सरकार जल्द ही निजी स्कूलों को लेकर एक नीति निर्धारण करने जा रही है। नए नियमों से पब्लिक स्कूलों पर इस तरह से शिकंजा कसा जाएगा कि वह न तो मनमानी मदों में मोटी रकम वसूल सकेंगे और न ही अधिक फीस वृद्धि कर सकेंगे। राज्यमंत्री का कहना कि सरकार इस मुद्दे को लेकर काफी गंभीर है।

जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की तैयारी की जा रही है। पब्लिक स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही। अभिभावक  कभी एनुअल चार्ज, तो कभी बढ़ी हुई फीस से परेशान हैं। वहीं अब एक नया मामला सामने आ रहा है। सीआईएससीई स्कूल के अभिभावकों से ग्यारहवीं कक्षा की फीस जमा कराई जा रही है।

बता दें कि दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम अभी आना बांकी है। नंदग्राम स्थित फातिमा कान्वेंट स्कूल ने अभिभावकों को 25 अप्रैल तक ग्यारहवीं कक्षा की फीस जमा करने की तारीख तय की है। अभिभावकों का कहना है कि फीस फार्म के साथ स्कूल प्रशासन ने बताया कि 1 मई से ग्यारहवीं की कक्षा भी शुरू कर दी जाएगी।

ऐसे में यदि अभिभावकों ने बच्चों की फीस जमा नहीं कराई तो विद्यार्थी का रजिस्ट्रेशन कैंसल करने की भी बात कही है। अभिभावक विनोद सिंह का कहना है कि स्कूल ने एक तरह से फरमान जारी कर दिया है, जबकि हम परीक्षा परिणाम के इंतजार में हैं।

परीक्षा परिणाम आने के बाद संभव है वे अपने बच्चे का दाखिला किसी अन्य विद्यालय में कराएं। ऐसे में अब वे असमंजस की स्थिति में हैं कि स्कूल के अल्टीमेटम पर वे फीस जमा कराएं या नहीं। दरअसल सीआईएससीई स्कूलों के अधिकतर बच्चे दसवीं के बाद बोर्ड बदल लेते हैं।

ऐसे में स्कूल संचालकों ने इस बार पहले ही फीस जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है, ताकि बच्चे स्कूल न छोड़ सकें। वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रिंसिपल एन मारिया का कहना है कि अभिभावकों का आरोप झूठा है। वे किसी पर भी फीस जमा कराने का दबाव नहीं बना रहे।

एन मारिया ने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों से उन लोगों ने एनुअल चार्ज में भी कोई वृद्धि नहीं की है।

लखनऊ जाने को अभिभावक कर रहे अपील
फीस मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ से रविवार को उनके आवास पर जाकर मिलने के लिए अभिभावक एक दूसरे से लखनऊ चलने की अपील कर रहे हैं। इस संबंध में शुक्रवार को शास्त्री पार्क में अभिभावकों ने बैठक की।
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इसमें तय हुआ कि सेंट मैरी, सेंट टेरेसा, डीएपीएस, खेतान और जेकेजी आदि स्कूलों के अभिभावक 11 बसों में शनिवार को लखनऊ के लिए रवाना होंगे। फेसबुक, वाट्सएप और मैसेज के जरिए अभिभावक एक दूसरे को इस मुहिम में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।

अभिभावक विवेक त्यागी ने बताया कि शनिवार को 4 बजे शास्त्री पार्क से लखनऊ के लिए बसें रवाना होंगी।
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