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UP Election 2022: पश्चिमी यूपी में ध्रुवीकरण की कोशिश तो नहीं धर्म परिवर्तन, चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा वसीम रिजवी प्रकरण

Tue, 07 Dec 2021 11:31 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

माना जा रहा है कि किसानों के आंदोलन के ताप चलते सत्ताधारी पार्टी पश्चिमी उप्र में थोड़ा असहज स्थिति में है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं।
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वसीम रिजवी बने जीतेंद्र त्यागी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने जहां मथुरा का मुद्दा गरमा दिया है। जिन्ना के बयान पर अखिलेश पर निशाना साधा जा रहा है। अब शिया सेंट्रल वक्फ  बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के हिंदू धर्म अपनाने के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा तेज हो गई है। यह कहीं पश्चिमी उप्र में ध्रवीकरण की कोशिश तो नहीं है।

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माना जा रहा है कि किसानों के आंदोलन के ताप चलते सत्ताधारी पार्टी पश्चिमी उप्र में थोड़ा असहज स्थिति में है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में सियासी गलियारे में चर्चा तेज है कि वसीम रिजवी का धर्म परिवर्तन करना सोची-समझी रणनीति का ही हिस्सा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस धर्म परिवर्तन के पीछे भाजपा का हाथ है।

चुनाव जीतने के लिए वह हिंदू-मुस्लिम हथकंडे का इस्तेमाल करती है। वसीम ने सोमवार को मंदिर में अपने बयान में यह कहा कि मुस्लिम किसी का वोट बैंक नहीं हो सकता है, वह हिंदुओं को हराने के लिए वोट करता है। हिंदुओं को भी एकजुट होना चाहिए। उनका यह बयान ध्रवीकरण की तरफ साफ इशारे कर रहा है।।
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हिंदू धर्म सहिष्णु है
हर व्यक्ति को निर्णय लेने का अधिकार है। हिंदू धर्म सहिष्णु धर्म है। वह काफी विद्वान हैं, ऐसे में उन्होंने सोच विचार कर निर्णय लिया होगा। उनके हिंदू धर्म अपनाने का विधानसभा चुनाव में कोई प्रभाव नहीं होगा, लेकिन उन्होंने यह फैसला क्यों लिया, यह जानने के लिए लोगों में उत्सुकता रहेगी।- संजीव शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष

चुनाव आने पर ही हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेलती है भाजपा 
वसीम रिजवी ने अब तक क्यों नहीं किया धर्म परिवर्तन ? चुनाव जीतने के लिए बीजेपी हर हथकंडा अपनाती है और हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेलती है। जनता सब जान चुकी है। इससे चुनाव में कोई असर नहीं पड़ेगा।- वीरेंद्र जाटव, बसपा जिलाध्यक्ष 
 
धर्म परिवर्तन निजी आस्था का मामला 
धर्म परिवर्तन निजी आस्था का मामला है। इसका राजनीतिकरण करना गलत है। भाजपा और इससे जुड़े संगठन इस तरह के कार्य करते रहते हैं, लेकिन इन्हें चुनाव से जोड़कर देखना भी गलत है। विधानसभा चुनाव का मुद्दा प्रदेश का विकास रहेगा।- बिजेंद्र यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
 
चुनाव धर्म पर नहीं, विकास पर हो
आने वाले विधानसभा चुनाव पर इस तरह के धर्मांतरण का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा क्या करना चाहती है, यह सभी को दिख रहा है। चुनाव का मुद््दा विकास होगा, किसने कितना विकास कराया, किसानों के हितों का ख्याल रखा, ये मुद्दे चुनाव में प्रमुख हैं।- राहुल चौधरी, महानगर अध्यक्ष, सपा

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