प्रियंका ने आगे कहा कि, प्रदेश में हर चौथे दिन वारदात होती रहती है। जबकि मुख्यमंत्री प्रदेश में अपराध कम होने का दावा करते हैं। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा व्यवस्था पर लोगों से बात की।
प्रियंका ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार में जितना विकास होना चाहिए था उतना नहीं हो पाया है, इसीलिए वह अब जाति-धर्म की राजनीति कर रही है। रोड शो के दौरान उन्होंने अपना काफिला रोककर खोड़ा के आजाद विहार निवासी बिजेंद्र सिंह से बातचीत की।
विजेंद्र सिंह ने बताई अपनी परेशानी
प्रियंका को विजेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी की जून महीने में कोरोना काल में मौत हो गई थी। पत्नी नीलम के गर्भवती होने के बाद वह नोएडा के तमाम अस्पतालों में लेकर घूमते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधकों ने उनकी पत्नी को इलाज के लिए भर्ती नहीं किया।
विजेंद्र ने प्रियंका गांधी वाड्रा से शासन प्रशासन से मदद दिलाने की मांग की। इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा का काफिला मंगल बाजार में पहुंचा। वहां पर सफाई कर्मचारी बीरभान बाल्मीकि से बातचीत की। उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा से ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सफाई कर्मियों को स्थायी कराने की मांग की। इसके बाद उनका काफिला गज्जी भाटी द्वार से होकर दिल्ली रवाना हो गया।
भाजपा को उद्योगपति दोस्तों की फिक्र- प्रियंका
प्रियंका ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा को छोटे व्यापारों और गरीबों की चिंता नहीं है बल्कि उसके उद्योगपति दोस्तों की फिक्र है। हम जहां भी प्रचार कर रहे हैं, वहां लोग उत्साहित हो रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह उत्साह यूपी की राजनीति में बदलाव की लहर बन जाएगा।
भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विमुद्रीकरण, लॉकडाउन हुए लेकिन सरकार जनता को राहत नहीं दे सकी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उनपर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में भाषा सभ्य होनी चाहिए लेकिन ''चर्बी निकाल देंगे, गर्मी निकाल देंगे'' वे ऐसे बयान क्यों दे रहे हैं।
लोगों को हो रही परेशानी लेकिन गायब हैं भाजपा विधायक- प्रियंका
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा को यह फिक्र करनी चाहिए कि लोगों को कितनी परेशानियां हो रही हैं, वे कैसे ऋण का बार-बार भुगतान कर रहे हैं, कोरोना महामारी के बावजूद बच्चों के स्कूलों की फीस भर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने दावा किया कि उनके पास इन सब पर बात करने के लिए कुछ नहीं है। इसीलिए वे चर्बी और गर्मी पर बात कर रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद की सभी सात विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की जीत पर उन्होंने कहा कि जनता उनसे अब त्रस्त हो गई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा विधायक चुनाव के बाद कहीं नहीं दिखे। चुनाव के बाद लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा।
गाजियाबाद में यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 10 फरवरी को चुनाव होंगे जबकि चुनाव परिणाम 10 मार्च को आएंगे।