शहरवासियों को शुद्ध पानी मुहैया कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले नगर निगम का पानी भी पीने लायक नहीं है। निगम परिसर में लगे हैंडपंप के साथ ही यहां वाटर कूलर का पानी भी अनसेफ मिला है। इनमें टीडीएस की मात्रा काफी अधिक पाई गई है। इसके अलावा तीन स्कूलों के पानी का सैंपल भी फेल पाया गया है।
नगर निगम मुख्यालय परिसर में लगे हैंडपंप सहित वाटर कूलर के पानी के सैंपल फेल मिले हैं। निगम मुख्यालय में चार स्थानों के पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इसमें मुख्यद्वार के पास लगा हैंडपंप, तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल पर लगे वाटर कूलर के सैंपल फेल पाए गए हैं।
हैंडपंप के पानी में 780 टीडीएस की मात्रा पाई गई है। इसके अलावा तीसरी मंजिल पर लगे वाटर कूलर के पानी में 678 टीडीएस, चौथी मंजिल के वाटर कूलर में 520, और पांचवीं मंजिल पर लगे वाटर कूलर के पानी में टीडीएस की मात्रा 631 पाई गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी लगातार नगर निगम के पानी का सैंपल फेल पाया गया है, इसके बावजूद अभी तक कोई सुधार नहीं हो रहा है। निगम के अलावा सेठ मुकुंद लाल इंटर कॉलेज, नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज चंद्रपुरी और शंभु दयाल इंटर कॉलेज के पानी के सैंपल में भी टीडीएस की मात्रा काफी अधिक और क्लोरिनेशन की कमी पाई गई है।
इस मामले में डीएमओ जीके मिश्रा का कहना है कि इन सभी स्थानों के पानी के सैंपल की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। नगर निगम जीएम संजय सिन्हा का कहना है कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त सैंपलिंग होती है लेकिन अभी जानकारी नहीं है कि कहां से सैंपल लिए गए हैं। सैंपल अगर फेल मिले हैं तो जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी और इन सभी वाटर कूलर को मेंटेन कराया जाएगा।