डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि क्वांटम यूनिट स्थापित होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जो क्वांटम प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद की डायरेक्टर जनरल कलैसेल्वी ने सीईएल को आगामी 50 वर्षों में तकनीकी विकास और खोज व शोध के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि असली योद्धा वह सीईएल का परिवार है, जिन्होंने इतिहास बदला। कहा कि, यह समापन समारोह नहीं बल्कि आगे आने वाली पीढ़ी को आगामी 50 वर्षों में तकनीकी विकास की तरफ ले जाने की नींव है। इसकी जिम्मेदारी सीईएल के मजबूत कंधों पर है। इस दौरान कार्यक्रम में सीईएल के सीएमडी चेतन प्रकाश जैन, पंकज खन्ना, महाप्रबंधक (वित्त एवं मानव संसाधन) के साथ ही अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।