मूलरूप से हरदोई जिले के पिहानी गांव निवासी रिजवान परिवार के साथ लोनी की प्रेम नगर कॉलोनी में किन्ये के मकान में रहते हैं। वह दैनिक मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मंगलवार को वह रोज की तरह काम पर गए थे। घर पर पत्नी आसमां और बच्चे मौजूद थे।
दोपहर करीब डेढ़ बजे आसमां मकान की छत पर कपड़े धो रही थी। इसी दौरान सबसे छोटा बेटा अबूजा खेलते-खेलते सीढ़ियों के रास्ते तीसरी मंजिल पर पहुंच गया। खेलने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह छज्जे से सीधे नीचे सड़क पर जा गिरा। गिरने से अबूजा गंभीर रूप से घायल हो गया।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और रिजवान को फोन पर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही रिजवान काम छोड़कर घर पहुंचे और तुरंत बेटे को लेकर जीटीबी अस्पताल भागे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अबूजा को मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही आसपास के लोगों की मदद से शव को दफना दिया। बाद में जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि परिजनों की ओर से मामले की कोई सूचना नहीं दी गई थी। पुलिस के पहुंचने पर परिजनों ने लिखित में दिया कि यह हादसा है और वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इन्कार कर दिया।