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Ghaziabad News: प्रतिबंध के बाद भी डीएमई पर दौड़ रहे दोपहिया वाहन...दो कांवड़ियों की मौत, एक घायल

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गाजियाबाद/मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद बाइक व स्कूटर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। यह लापरवाही मंगलवार को एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग स्थानों पर हुए दो सड़क हादसों में बाइक सवार दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। एक हादसा वेव सिटी गेट के सामने और दूसरा भोजपुर के चुड़ियाला क्षेत्र में हुआ। बीते छह दिन में डीएमई पर दोपहिया वाहनों से हुए तीन बड़े हादसों में छह कांवड़ियों की जान जा चुकी है।
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पुलिस के अनुसार, सुबह करीब साढ़े सात बजे वेव सिटी गेट के सामने बाइक सवार 25 वर्षीय दीपांशु मेहरा की बाइक आगे चल रहे अज्ञात वाहन में जा घुसी। गंभीर हालत में उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। दीपांशु दिल्ली के नांगलोई स्थित लोकनायक पुरम कॉलोनी के रहने वाले थे और एक ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी में काम करते थे। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
एसीपी वेव सिटी प्रिया पाल ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आसपास के लोगों के अनुसार, दीपांशु की बाइक एक्सप्रेसवे की दूसरी लेन में थी। अचानक वह पहली लेन में पहुंचे और आगे चल रहे वाहन से टकरा गए। पुलिस को आशंका है कि नींद की झपकी आने से हादसा हुआ होगा। परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है।
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हरिद्वार से लौटते समय कार से टकराई बाइक
दूसरी तरफ दोपहर में भोजपुर के चुड़ियाला गांव के पास डीएमई पर हरिद्वार से दिल्ली जा रहे दो कांवड़ियों की बाइक आगे चल रही कार से टकरा गई। हादसे में 17 वर्षीय उज्जवल की मौत हो गई, जबकि उसका साथी कृष्णा घायल हो गया। दोनों दिल्ली के आश्रम क्षेत्र स्थित मछली बाजार के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, बाइक उज्जवल चला रहा था और दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था।
एसीपी मोदीनगर के अनुसार, दोनों कांवड़िये मेरठ के परतापुर गोल चक्कर से डीएमई पर चढ़े थे। करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद हादसा हो गया। हादसे के बाद कार सवार ही दोनों को मोदीनगर के जीवन अस्पताल लेकर पहुंचा। चिकित्सकों ने उज्जवल को मृत घोषित कर दिया, जबकि कृष्णा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
एसीपी ने बताया कि डीएमई पर दोपहिया वाहनों को रोकने के लिए मेरठ पुलिस तैनात है, लेकिन इसके बावजूद मेरठ की ओर से लगातार दोपहिया वाहन एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे हैं।
छह दिन में हुए हादसे
5 अगस्त को भोजपुर के कलछीना क्षेत्र में बाइक सवार तीन कांवड़ियों की मौत हुई थी। तीनों अलीगढ़ के रहने वाले थे और हरिद्वार कांवड़ लेने जा रहे थे। नौ अगस्त को चुड़ियाला क्षेत्र में दिल्ली निवासी स्कूटी सवार कांवड़िया चंदन की मौत हो गई थी, जबकि उसका साथी करण घायल हुआ था। 11 अगस्त को दो अलग-अलग हादसों में दो और कांवड़ियों की जान चली गई।
हरिद्वार जाने की बात कहकर निकले थे दीपांशु
दीपांशु के भाई प्रियांशु मेहरा ने बताया कि दीपांशु शनिवार रात करीब नौ बजे हरिद्वार से कांवड़ लेने के लिए घर से निकले थे। रविवार को उनका मोबाइल फोन बंद हो गया था। सोमवार शाम फोन चार्ज करने के बाद उन्होंने रुड़की से परिजनों को फोन किया था। उन्होंने मंगलवार सुबह तक लोकनायक पुरम कॉलोनी के मंदिर पहुंचने की बात कही थी। इसके बाद हादसे में उनकी मौत की सूचना परिजनों को मिली।
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