तंगहाल जीडीए ने अब अपनी संपत्तियां बेचकर खजाना भरने की योजना बनाई है। शहर भर की विभिन्न आवासीय कालोनियों में जीडीए की करीब 1700 बिना बिकी संपत्तियां पड़ी हैं। जीडीए को उम्मीद है कि इन संपत्तियों की नीलामी से मिलने वाली रकम से माली हालत सुधर सकती है।
आवासीय प्लाट और फ्लैट के रूप में जीडीए की यह संपत्तियां वैशाली, इंदिरापुरम, कौशांबी, नंदग्राम, गोविंदपुरम, लोहिया नगर, साहिबाबाद, आरडीसी, मधुबन बापूधाम आदि जगहों पर हैं। इनमें से कई का आवंटन नहीं हुआ है तो कई के आवंटी उन्हें सरेंडर कर चुके हैं।
15 से 21 जून तक चलने वाली इन संपत्तियों की नीलामी के लिए जीडीए ने प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया है। जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बताया कि इन संपत्तियों की बिक्री को लेकर विभागीय अधिकारी उत्साहित हैं। नीलामी में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों और संपत्तियों का उचित मूल्य मिले तो जीडीए के खजाने में वृद्धि होगी।
सबसे ज्यादा आवास मधुबन बापूधाम में
सबसे ज्यादा आवास मधुबन बापूधाम योजना में खाली पडे़ हैं। इनमें कई तो आज तक आवंटित ही नहीं हुए हैं जबकि कई के आवंटियों ने बाद में उन्हें सरेंडर कर दिया। पुराने बस अड्डे और नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के बीच स्थित जीडीए की चंद्रशिला योजना का भी यही हाल है। यहां भी ज्यादातर आवंटी अपना पैसा वापस ले चुके हैं।
नीलामी के प्रचार को शहर भर में लगेंगे होर्डिंग
अपनी संपत्तियों की नीलामी के प्रचार-प्रसार के लिए जीडीए शहर भर में होर्डिंग लगवाने की कवायद कर रहा है। शुरुआती दौर में शहर के पांच प्रमुख स्थानों मोहन नगर चौक, पुराना बस अड्डा, वैशाली मेट्रो स्टेशन, कलक्ट्रेट और एनएच-24 पर नवनिर्मित लिंक रोड तिराहे पर होर्डिंग लगवाए जाएंगे।