गाजियाबाद में रिश्वत लेने के आरोपी बैंक प्रबंधक और एक कर्मचारी को सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बैंक प्रबंधक व कर्मचारी ने किसान से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी करने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने आठ हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया था।
जानकारी के अनुसार मुरादाबाद के बीरपुर बरियार उर्फ खरक निवासी खैराती के पास 30 बीघा खेत है। खेती करने के लिए खैराती को पैसों की जरूरत थी। इसके लिए लाला टीकर स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से तीन लाख के लोन के लिए आवेदन किया था।
लोन की कार्रवाई के लिए किसान को बार-बार बैंक बुलाया गया। केसीसी की पासबुक दे दी गई, लेकिन रकम नहीं दी गई। खैराती का आरोप है कि शाखा प्रबंधक गिरीश चंद्र से मिलकर लोन के बारे में पूछा तो उसने कहा कि तीन लाख रुपये लेने के लिए आठ हजार रुपये देने पड़ेंगे। इसके बाद ही तीन लाख की रकम मिलेगी।
बैंक से बाहर निकलने पर बैंककर्मी कयूम ने बुलाकर कहा कि दो हजार रुपये दोगे तभी काम होगा, नहीं तो चक्कर काटते रहोगे। शिकायत के बाद पहुंची सीबीआई टीम ने उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया।