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अल्ट्रासाउंड कराने दो माह बाद आना

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स्‍वास्‍थ्‍य - फोटो : अमर उजाला
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सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड फ्री तो कर दिया गया है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दो-दो महीने का इंतजार करना पड़ रहा है। गाजियाबाद के तीन सरकारी अस्पतालों में से अल्ट्रासाउंड केवल एमएमजी में हो रहा है। ऐसे में तीनों अस्पतालों के मरीजों की भीड़ जुटने से अल्ट्रासाउंड के लिए दो माह की वेटिंग चल रही है।
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   महिला अस्पताल में मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गर्भवती महिलाओं का एक्सरे भी एमएमजी में हो रहा था। अब संयुक्त जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट के एक हफ्ते की छुट्टी पर जाने के कारण वहां के मरीजों को भी एमएमजी में ही रेफर किया जा रहा है।

मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण दो- दो महीने की वेटिंग चल रही है। एमएमजी में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वाई डी शर्मा जो एक दिन में 45-50 अल्ट्रासाउंड करते हैं। ये भी जुलाई में रिटायर हो जाएंगे।  
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जनपद में हैं आठ अल्ट्रासाउंड मशीनें
जनपद में फिलहाल आठ अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। चार साल पहले स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने छह अल्ट्रासाउंड मशीनें जिला अस्पतालों और सीएचसी के लिए दी थी। यह कलर डोपलर मशीनें हैं। इनमें से तीन जिला अस्पताल और एक-एक मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी के लिए दी गईं।

एमएमजी अस्पताल और संयुक्त अस्पताल में दो-दो मशीनें हैं जिनमें से एक कलर डोपलर और एक सामान्य मशीन है। सीएचसी मोदीनगर मुरादनगर में अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। वहीं महिला अस्पताल में पिछले तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है।

एमएमजी में एक्स-रे के लिए हो रही वसूली
शासन ने सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे अल्ट्रासाउंड सहित कई अन्य सुविधाएं फ्री कर दी हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों से विभिन्न जांच कराने के लिए वसूली की जा रही है। बुधवार को एमएमजी अस्पताल में तमाम मरीजों ने एक्स-रे के लिए पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया।

  बुधवार को प्रताप विहार की रहने वाली ललिता चेस्ट इंफेक्शन का एक्स-रे कराने आई थीं। एक्स-रे विभाग में पहले तो इनसे कहा गया कि मशीन खराब है एक्स-रे नहीं होगा। बाद में डिपार्टमेंट में तैनात एक असिस्टेंट ने कहा कि बाहर 200 रुपये लगेंगे, यहां 100 रुपये में एक्सरे हो जाएगा।

जब उन्होंने 100 रुपये देकर एक्स-रे कराया। वहीं चमन कालोनी की सायरा भी पिछले तीन दिन से विभाग के चक्कर लगा रही थी, लेकिन एक्सरे फिल्म न होने का बहाना बनाकर टाला जा रहा था। बुधवार को जब उन्होंने पैसे दिए तब उनका एक्स-रे हो पाया।

सबसे अधिक परेशानी मोदीनगर निवासी तेजपाल को उठानी पड़ी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मोहिनी का जवाहर नवोदय स्कूल में एडमिशन होना है। एडमिशन के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट और एज प्रूफ के लिए एक्स-रे होना था।

उसके लिए अस्पताल में उनसे 500 रुपये की डिमांड की गई। पैसे देने से इंकार करने और सीएमओ से शिकायत के बाद बुधवार दोपहर को एक्स-रे हो पाया। अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजनों ने भी एक्स-रे के लिए वसूली किए जाने का आरोप लगाया।
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उधर, सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि एक्सरे विभाग में तैनात असिस्टेंट के खिलाफ शिकायत आई हैं। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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