गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता की एक तस्वीर यह भी है। संयुक्त जिला अस्पताल में पिछले पांच वर्षों से एक भी त्वचा रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है, जबकि एमएमजी अस्पताल में एक स्वीकृत पद के सापेक्ष दो विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत हैं।
संयुक्त अस्पताल में विशेषज्ञ की कमी के कारण प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में शासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजकर विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की है। सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें दूसरे अस्पतालों या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है।
इस मामले में सीएमओ डॉ. सचिन वैश्य ने बताया कि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी की जानकारी मिली है। मरीजों की सुविधा को देखते हुए एमएमजी और संयुक्त अस्पताल के सीएमएस से वार्ता कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल्द आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
त्वचा रोगियों की संख्या 50 फीसदी बढ़ी
एमएमजी अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके दीक्षित ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में त्वचा रोगियों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पहले प्रतिदिन 70 से 75 मरीज आते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 150 हो गई है। मरीजों में लाल दाने, तेज खुजली, फंगल संक्रमण और त्वचा पर चकत्तों की शिकायत सबसे अधिक मिल रही है। कई मामलों में लगातार खुजलाने से त्वचा से पानी निकलने और घाव बनने की समस्या भी सामने आ रही है।
ऐसे करें बचाव
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. भावुक मित्तल ने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खुजली होने पर त्वचा को बार-बार नहीं खुजलाना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ सकता है। यदि समस्या दो-तीन दिन तक बनी रहे या त्वचा से पानी निकलने लगे तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने पूरी बाजू के कपड़े पहनने, शरीर को साफ और सूखा रखने, मच्छरों से बचाव करने और बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी क्रीम या दवा का उपयोग न करने की सलाह दी।