लगभग ढाई घंटे चला रेस्क्यू अभियान
गार्ड अवतार ने बताया कि रात करीब 1.30 बजे उन्होने कंट्रोलरूम को मामले की जानकारी दी। सूचना के बाद पहले डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची और फिर भोजपुर पुलिस एक निजी कंपनी के हाइड्रा के साथ रेस्क्यू में जुट गई। उन्हें ट्राला के नीचे किसी के दबने की जानकारी नहीं थी। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दो युवक नाले में दबे मिले। पुलिस दोनों युवकों को नाले से बाहर निकालकर मोदीनगर सीएचसी ले गई। वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि मृतकों की पहचान हाशिम (20) और आकिब (22) निवासी कैतीपुरा थाना कोतवाली जनपद बागपत के रुप में हुई। हाशिम और आकिब ममेरे भाई थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भूसा सप्लायर व ट्रैक्टर चालक उबैद व उसका साथी इरफान भी परिजनों के साथ अस्पताल पहुंच गए। वहां मृतकों के परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने परिजनों को समझाकर हाशिम और आकिब के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
ईशापुर-नाहली मार्ग पर विकसित हो गया अवैध औद्योगिक क्षेत्र, सुविधाएं शून्य
गंदे नाले पर बना ईशापुर-नाहली मार्ग करीब चार किलोमीटर लंबा है। खुला गंदा नाला करीब 15 फीट तक चौड़ा और लगभग 10 फीट तक गहरा है। यहां सुरक्षा दीवार भी नहीं है। इस मार्ग पर गांव ईशापुर,नाहली और ईशाकनगर के अलावा कस्बा फरीदनगर क्षेत्र के लोगों की आवाजाही होती है। नाले किनारे बने मार्ग पर व उसके आसपास बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो गया है। यहां कई बड़ी फैक्टरियां बनी है और कई का निर्माण चल रहा है। इस मार्ग से रोजना लगभग पांच हजार लोगों का आवागमन होता है। मगर खुले नाले किनारे बना मार्ग बेहद जर्जर अवस्था में है। जिस कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते है। स्थानीय लोगों ने आशंका व्यक्त की कि जर्जर मार्ग पर बनी कीचड़ में ट्राले के पहियां धसने से हादसा हुआ होगा।
ट्राले पर सोते रह गए ममेरे भाई,चार बहनों का इकलौता भाई था हाशिम
पुलिस के अनुसार ट्राला ओवरलोड था। उसमें क्षमता से अधिक भूसा भरा था। रविवार रात बागपत से चलने के बाद हाशिम और आकिब भूसे के ऊपर कपड़ा बिछाकर सो गए। उन्होने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। ईशापुर मार्ग पर जब हादसा हुआ तो दोनों ममेरे भाई गहरी नींद में सो रहे थे। ईशापुर- नाहली संपर्क मार्ग पर ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया और नाले में ट्राले व भूसे के नीचे दबने से दोनों की मौत हो गई। 20 वर्षीय हाशिम चार बहनों को इकलौता भाई था। उसके पिता मजदूरी करते है। घर आर्थिक स्थिति कमजोर है। घर चलाने के लिए हाशिम भी काम पर लग गया। आकिब तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
भूसे से भरे ट्रैक्टर ट्राला के नाले में पलटने के कारण दो युवकों की मौत की जानकारी मिली है। हल्का लेखपाल को घटनास्थल की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। -अजीत सिंह, उपजिलाधिकारी मोदीनगर
ट्रैक्टर ट्राला के नाले में गिरने से ट्राला सवार दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक ममेरे भाई थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर ट्राला में क्षमता से अधिक भूसा भरा हुआ था। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए है। अभी किसी ने भी घटना की तहरीर नहीं दी है। -अमित सक्सेना, एसीपी मोदीनगर