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Ghaziabad News: जुड़वां भाइयों ने दो बहनों सहित बनाया स्नेचिंग गिरोह, पकड़ा

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कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार स्नैचिंग के आरोपी। संवाद - फोटो : ramban news
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गाजियाबाद। कविनगर पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जिसमें दो जुड़वां भाई, उनकी दो बहनों सहित आठ सदस्य चेन व मोबाइल स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देते हैं। इनमें से दोनों बहनों और उनके एक भाई सहित पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इनका एक भाई और दो अन्य सदस्य अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। गिरोह के सदस्य पुलिस को चकमा देने के लिए कविनगर से ओला कार से दिल्ली जाते थे। वहां से स्पोर्ट्स बाइक से फिर से गाजियाबाद लौटते थे और वारदात को अंजाम देकर बाइक से दिल्ली जाते फिर किसी पार्किंग में बाइक खड़ी करके फिर से ओला कार बुक कर गाजियाबाद लौट आते थे। इस गिरोह से स्नेचिंग की गई चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल बरामद हुए हैं।
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एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि गिरफ्तार सदस्यों ने अपना नाम रामा उर्फ राहुल (28), मोंटी (20) व चिंटू (21) निवासी दौलतपुरा सिहानी गेट बताया है। रामा की विवाहित बहनें मंजू (42) व रजनी (35) निवासी दौलतपुरा थाना कोतवाली बताए हैं। रामा उर्फ राहुल ने बताया कि दोस्त दिनेश के साथ उन्होंने छह दिन पूर्व संजयनगर में बच्ची को साइकिल सिखा रही महिला के गले से चेन लूटी। गोविंदपुरम, स्वीस होटल के पास गोविंदपुरम में बुजुर्ग के गले सहित पांच चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों से चार सोने की चेन के टुकड़े, तीन सोने की गोली और साढ़े चार हजार रुपये व बरामद किए गए हैं। रामा के खिलाफ 19 मुकदमे दर्ज हैं।
जुड़वां भाइयों को देख पुलिस भी चकराई
एसीपी ने बताया कि रामा और श्यामा दोनों जुड़वां भाई हैं। जुलाई माह में श्यामा, दिनेश और पंकज को मुठभेड़ के दौरान इंदिरापुरम पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। दो माह में ही तीनों छूटकर बाहर आ गए। सीसीटीवी फुटेज और सामने खड़े रामा और श्यामा का पहचानना काफी मुश्किल होता है। दोनों की कद-काठी, रंग और सूरत एक जैसी है। पकड़े गए रामा उर्फ राहुल ने बताया कि वर्ष 2019 से चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कई बार जेल भी जा चुका है। बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए दोनों भाई अपने साथियों के साथ ओला करके दिल्ली जाते हैं, जहां नई दिल्ली स्टेशन पर पहुंचकर बाइक पर सवार होकर फिर से गाजियाबाद लौटते हैं। सिहानी गेट, गोविंदपुरी, इंदिरापुरम, सिहानी गेट, कौशांबी और लोनी आदि क्षेत्र जो शहर के बाहरी छोर पर हैं, इनमें स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देकर दिल्ली भाग जाते हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से उनके पीछे आती है और दिल्ली में उनके सुबूत नहीं मिलने पर लौट जाती है। गिरोह के सदस्य स्टेशन पर बाइक खड़ी करके ओला कार करके फिर से गाजियाबाद आ जाते हैं। पूछताछ में ओला का बिल और सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दिखाकर पीछा छुड़ा लेते हैं।
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दोनों बहनें बेचती हैं स्नेचिंग का माल

रामा और श्यामा अपने गिरोह के साथ जो भी स्नेचिंग करते हैं वह अपनी दोनों बहनों मंजू और रजनी को थमा देते हैं। दोनों बहनें मजबूरी में सोना बेचने के बहाने से वर्तमान दरों पर चेन और अन्य माल सराफ को बेचकर रुपये गिरोह के साथ बांट लेती हैं। दोनों बहनों के पति रिक्शा चालक हैं और अधिकांश उनसे दूर ही रहते हैं। बताया कि रामा और श्यामा महंगी कारों में महिला दोस्तों को घुमाते हैं और होटल में ठहरते हैं। इसी शौक को पूरा करने के लिए चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देते हैं।
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