धौलाना में रजवाहे में जंगली जानवरों द्वारा खोदी गई पटरी में हुए रिसाव के चलते पटरी कट जाने से हसनपुर गांव में गेहूं व सरसों की 240 बीघा जमीन बुरी तरह प्रभावित हो गई। पटरी टूटने की भनक लगने पर किसानों ने रजवाहे की पटरी रोकने की कोशिश की लेकिन तेज बहाव के चलते बेकाबू रजवाहे की पटरी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पटरी कट जाने की सूचना दी लेकिन घंटों बाद भी किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचना उचित नहीं समझा। ग्राम प्रधान चौधरी राजपाल सिंह ने तहसीलदार प्रवीण कुमार को किसानों की पीड़ा से अवगत कराया। तहसीलदार प्रवीण कुमार ने संबंधित लेखपाल को पीड़ित किसानों की सूची बनाने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कि रजवाहा की पटरी टूटने की सूचना मिली तो किसान मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते तेज बहाव के चलते रजवाहे की पटरी कटती रही। तेज बहाव के चलते बेकाबू पानी से गेहूं व सरसों की फसल पानी में डूब गई। किसानों का कहना है कि सिचाई विभाग के अधिकारियों को फोन लगाते रहे लेकिन किसी ने फोन नही उठाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह को अवगत कराया जा चुका है। तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद सिचाई विभाग के अधिकारियों ने जिलेदार ने रजवाहा के कटाव को बंद कराने का प्रयास किया।
ग्रामीणों के मुताबिक रजवाहा में क्षमता से ज्यादा पानी छोड़े जाने पटरी टूट गई। रजवाहा की पटरी टूटने से करीब 240 बीघा गेहूं की फसल पानी में डूब गई। तहसीलदार प्रवीण कुमार ने बताया कि उन्हें रजवाहे की पटरी टूटने सूचना मिली है। नुकसान के संबंध में लेखपाल को आदेश दिया गया है। जिनकी फसलें बर्बाद हुई हैं इसकी दो दिन में लेखपाल सूची सौपें।
इन किसानों की डूबी फसल
लेखपाल ने बताया की ग्राम निवासी करतार, कुलदीप, सुनील, सतीश, मुकेश, राकेश, महेश, रामनिवास, अशोक ,राजीव, शालिनी त्यागी ,श्रीनिवास, देवेंद्र, ज्ञानेंद्र, योगेंद्र, इंद्रेश ,सुरेंद्र ,राजेश, राजपाल सिंह, सरवन सिंह, लोकेंद्र सिंह, जय प्रकाश ,हरेंद्र ,जयपाल, रामकृपाल, राज कुमार ,राकेश ,बृजेश ,अनिल, जतन ,जयवीर, जगबीर आदि किसानों की करीब 240 बीघा जमीन पूरी तरह से पानी में डूब गई है। सिंचाई विभाग के जिलेदार के माध्यम से रजवाहा की पटरी बनवा दी गई है।