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बढ़ेगी मुसीबत: वेतन और पेंशन धारक भी लगेंगे लाइन में

Fri, 02 Dec 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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बैंकों से कैश निकालने में अब और मुसीबत आने वाली है। कैश निकालने के लिए लाइन में करीब 15 हजार पेंशन धारक ों और 30 से 35 हजार सरकारी कर्मचारियों की संख्या भी बैंकों के बाहर बढ़ गई है।
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सात दिसंबर से प्राइवेट कर्मचारियों और मजदूरों की संख्या भी जोड़ दें तो करीब 75 हजार और लोग बैंकों के बाहर लाइन में नजर आएंगे। यानी लाइन आने वाले दिनों में और लंबी होने वाली है। इस दौरान अगर लोगों के सब्र का बांध टूटा तो कानून व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।  

बृहस्पतिवार को सरकारी कर्मचारियों और पेंशन धारकों को कैश निकालने के लिए घंटों बैंकों के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ा। अगले छह दिनों में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों और फैक्ट्री मजदूरों को जब तनख्वाह मिलेगी तो उनके लिए कैश की दिक्कत खड़ी होगी।
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बृहस्पतिवार को भी बैंकों के पास पर्याप्त कैश नहीं था, जिसकी वजह से अधिकांश बैंकों ने पेंशन धारकों को महज दो से पांच हजार रुपये ही दिए जबकि एसबीआई ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशन धारकों को 10-10 हजार रुपये दिए।

अधिकांश बैंकों में नो कैश या कैश खत्म होने का बोर्ड लगा मिला। जिन बैंकों में कैश पहुंचा भी तो आरबीआई द्वारा निर्धारित 24 हजार रुपये की धनराशि लोग चेक के जरिए नहीं निकाल सके, क्योंकि कैश कम और लोगों की लाइन लंबी थी। 
 
सैलरी व पेंशन निकालने में हुई परेशानी
माह के पहले दिन तनख्वाह और पेंशन निकालने के लिए बुजुर्गों को भी लाइन में खड़ा होना पड़ा। एसबीआई के चीफ मैनेजर पीके झा ने बताया कि जितना कैश मिला, उसे समान रूप से बांटने की कोशिश की गई।

सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशन धारक और लाइन में लगे लोगों को  चेक के जरिए 10-10 हजार रुपये दिए गए। कुछ ऐसा ही मालीवाड़ा स्थित केनरा बैंक में भी किया गया। पीएनबी में पेंशन धारकों को 2 से 4 हजार रुपये ही मिले।

इलाहाबाद बैंक में 5 हजार रुपये की सीमा तय की गई थी। यूनियन बैंक, देना बैंक, युनाइटेड बैंक ऑफ  इंडिया समेत कई प्राइवेट बैंकों में कैश पहुंचा ही नहीं। नवयुग मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक में कनेक्टिविटी बाधित होने की वजह से कुछ ही लोगों को कैश मिल सका। 

- बोले पेंशन धारक और सरकारी कर्मचारी 
बहन की पेंशन निकालने आया हूं। लंबी लाइन लगी है और बैंक सिर्फ चार हजार रुपये ही दे रहा है। ऐसे में पेंशन धारक क्या करें, पेंशन से ही घर खर्च चलना है। - सुभाष शर्मा, पेंशनधारी
- पेंशन 20 हजार है और मिल सिर्फ 4 हजार रुपये ही रहे हैं। चार हजार में घर का खर्च नहीं निकलता। जिन लोगों को भुगतान करना है कि वे कैश ही लेंगे, चेक नहीं। -श्याम लाल, पेंशन धारक
- नासिरपुर फाटक से रिक्शे से आए बृजवती और होशियार सिंह का कहना है कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बुजुर्गों को उनकी पूरी पेंशन दे।

- सेलरी दो दिन पहले आ गई है। बुधवार को तीन घंटे लाइन में लगने के बाद भी चेक क्लीयर नहीं हो पाया। बैंक से सिर्फ छह हजार ही निकल पा रहे हैं। -सिस्टर बीना
- अन्य खर्चों के साथ-साथ राशन की भी दिक्कत है। पैसे नहीं निकलेंगे तो राशन कैसे आ पाएगा। मेरा चेक आज भी क्लीयर नहीं हो पाया है। - डीएस मिश्रा, वार्ड ब्वॉय
- दिसंबर में बच्चों की तीन महीने की फीस जाती है। इसके अलावा अन्य खर्चे हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी सैलरी में से सिर्फ छह हजार रुपये मिले। - विनोद स्वीपर

कैश न मिलने पर हुआ हंगामा
मालीवाड़ा स्थित सिंडिकेट बैंक के बाहर बृहस्पतिवार को भी कैश न मिलने पर लोगों ने हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि बैंक कर्मचारी अपने परिचितों को अंदर बुला कर कैश दे देते हैं जबकि बाहर खड़े लोगों को सिर्फ टोकन देकर टरका दिया जाता है, जिसे  टोकन मिले, उसे कैश जरूर मिलना चाहिए। 

एनडीआरएफ जवानों ने कैशलेस ट्रांजेक्शन के बारे में जाना
गोविंदपुरम स्थित आठवीं बटालियन एनडीआरएफ में बृहस्पतिवार को एसबीआई बैंक  के अधिकारियों ने जवानों को कैशलेस ट्रांजेक्शन और इंटरनेट बैंकिंग के बारे में जानकारी दी। एसबीआई के रीजनल मैनेजर सुनील कुमार गोयल, शास्त्रीनगर शाखा प्रबंधक पीके अरोड़ा ने बताया कि एसबीआई बडी, ई-वॉलेट और एसबीआई एनीवेयर सुविधा के बारे में बताया।

इन सेवाओं को मोबाइल पर डाउनलोड कर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। बटालियन कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने कहा कि ई-बैंकिंग के जरिए हमारा मोबाइल फोन बैंक बन सकता है।

स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी
स्वास्थ्य विभाग में भी नोटबंदी का असर देखने को मिला। एमएमजी में अधिकतर स्टाफ बैंक से पैसे न निकलने के कारण परेशान रहे।  29 नवंबर को सैलरी आ जाने के बाद लगातार बैंक जाने पर भी चेक क्लीयर नहीं हो पाया। 150 स्टाफ में से बृहस्पतिवार को सिर्फ 27 लोगों के ही चेक क्लीयर हो पाए ।


पंद्रह हजार पेंशनर के साथ ही 77 विभागों की तनख्वाह जारी
नोटबंदी के बाद से आम पब्लिक की टेंशन झेल रहे बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों की हालत अब और खराब होने जा रही है। कलक्ट्रेट स्थित कोषागार से बुधवार शाम को ही गाजियाबाद में रहने वाले करीब 15 हजार पेंशनर और 77 विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की तनख्वाह जारी कर दी गई।

करीब एक अरब, अस्सी करोड़ की इस राशि को निकालने के लिए अब पेंशनर और सरकारी कर्मचारी भी बैंकों की लाइन में नजर आएंगे। मुख्य कोषाधिकारी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में करीब 15 हजार पेंशनर और करीब 35 हजार अधिकारी और कर्मचारी हैं।

बुधवार शाम को ही कोषागार से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी जारी कर दी गई थी। यह रकम करीब 1.80 अरब रुपये है, इसमें से पेंशनर्स के लिए ही करीब 30 करोड़ रुपये हैं। बैंकों में अभी कैश की किल्लत चल रही है।

ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में और भी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ सकती है। पेंशनर और सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों के सबसे ज्यादा एकाउंट एसबीआई और पीएनबी में हैं।

अब मजदूरों की तनख्वाह पर भी संकट
वन विभाग के गाजियाबाद रेंज अधिकारी आसिफ शहजाद बृहस्पतिवार को अपने यहां कार्यरत श्रमिकों को वेतन देने के लिए एक लाख रुपये का चेक लेकर कलक्ट्रेट स्थित एसबीआई शाखा पहुंचे, मगर बैंक वालों ने स्पष्ट कर दिया कि 24 हजार से ज्यादा किसी व्यक्ति को नहीं मिलेगा।

बाद में रेंज अफसर मुख्य कोषाधिकारी लक्ष्मी सिंह से भी मिले। लक्ष्मी सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में कैश की किल्लत समाप्त होने के बाद उनके चेक का भुगतान करा दिया जाएगा।

कैश नहीं मिलने पर महिलाओं का हंगामा
 मुरादनगर में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से रुपये निकालनेे के लिए बृहस्पतिवार को लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी, जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही कैश खत्म हो गया।

इस पर महिलाएं हंगामा करने लगीं। उन्होंने बैंक प्रबंधक पर आरोप लगाया कि बैंक कर्मी अपने परिचितों को ही कैश दे रहे हैं। कस्बा फरीद नगर स्थित सिंडीकेट बैंक में भी लोगों ने हंगामा किया। यहां भी पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर शांत किया। यही स्थिति मोदी नगर स्थित सिंडीकेट बैंक पर रही। 

नोट बंदी के विरोध में सपा का तहसील पर प्रदर्शन
मोदी नगर। नोट बंदी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील पर प्रदर्शन किया। सपा के नगर अध्यक्ष प्रदीप बोस के साथ कार्यकर्ता बृहस्पतिवार सुबह तहसील पर एकत्र हुए।

उन्होंने मोदी सरकार के विरोध में नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम अतुल कुमार को सौंपा। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के तुगलकी फरमान से देश की आर्थिक स्थिति पटरी से उतर गई है। किसान, मजदूर सड़क पर खड़ा है।

शादी के लिए नहीं मिल रहे बैंक से रुपयेे
 500 व 1000 के नोट बंद होने के बाद से बैंकों से शादी के लिए रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। शोभापुर गांव निवासी रिछपाल की बेटी कोमल की शादी 9 दिसंबर की है। बेटी और उनका खाता असालत नगर पंजाब एंड सिंध बैंक में है।

कोमल ने बताया कि शादी नजदीक होने के कारण तैयारी करनी है, जिसके लिए 40 हजार रुपये की आवश्यकता है, लेकिन पिछले चार दिन से कोशिश की जा रही है पर कैश नहीं मिल रहा है। रुपये नहीं होने के कारण शादी की तैयारी का काम रुका हुआ है।
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