गाजियाबाद। एनसीआर में डीजल वाहनों के संचालन की अधिकतम सीमा 10 वर्ष होने के बावजूद संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की ओर से 15 वर्ष का एकमुश्त रोड टैक्स वसूले जाने पर ट्रांसपोर्टरों ने विरोध जताया है। गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने आरटीओ को पत्र भेजकर इस विसंगति को दूर करने और टैक्स वसूली की व्यवस्था में संशोधन की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मैत्रेय और सचिव सौरभ मित्तल ने आरटीओ को भेजे पत्र में कहा है कि कार्यालय में 7,500 किलोग्राम तक के ग्रॉस व्हीकल वेट (जीवीडब्ल्यू) वाले मालवाहक वाहनों से 15 वर्ष का एकमुश्त टैक्स लिया जा रहा है। उनका कहना है कि एनजीटी और सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के अनुसार, गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में डीजल वाहनों के संचालन की सीमा 10 वर्ष निर्धारित है।
ऐसे में 10 वर्ष पूरे होने के बाद वाहन के संचालन पर प्रतिबंध होने की स्थिति में वाहन स्वामियों से अतिरिक्त पांच वर्षों का टैक्स वसूलना अतार्किक और अव्यावहारिक है। पदाधिकारियों ने मांग की है कि 10 वर्ष की संचालन सीमा वाले डीजल वाहनों से भी केवल 10 वर्ष की अवधि का ही टैक्स लिया जाए। इस संबंध में संगठन ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (परिवहन विभाग) और परिवहन आयुक्त को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।