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प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराने में अब कटेगी जेब

Sun, 24 Apr 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
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 जबरदस्त हंगामे के बीच हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में विकास कार्यों के लिए अब तक का सबसे बड़ा 604 करोड़ का बजट पास किया गया। निगम ने नामांतरण शुल्क दोगुना कर शहरवासियों की जेब काटने का इंतजाम भी कर दिया।
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अब निगम रिकार्ड में प्रॉपर्टी एक से दूसरे के नाम पर ट्रांसफर कराने के लिए लोगों को स्टांप शुल्क का 0.5 फीसदी की बजाय 1.0 फीसदी शुल्क देना होगा। इनकम बढ़ाने के लिए नगर निगम ने अवैध कालोनियों से भी टैक्स वसूलने का निर्णय लिया।

उधर, विभागों में कमीशन दो से तीन गुना हो जाने के आरोप पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। नगर आयुक्त और पार्षद राजेंद्र त्यागी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सुबह 11 बजे बैठक की कार्यवाही शुरू हुई।
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भाजपा पार्षद लवली कौर ने सदन की कार्यवाही रुकवा दी। उन्होंने महिला पार्षदों पर की गई अशोभनीय टिप्पणी पर सपा पार्षद मनीराम यादव से सदन में माफी मांगने को कहा। इस पर हंगामा हो गया और दबाव के चलते सपा पार्षद ने महिला पार्षदों से माफी मांगी।

इसके बाद अकाउंट ऑफिसर अरुण कुमार मिश्रा ने निगम के 560 करोड़ रुपये की आमदनी और 604 करोड़ खर्च वाले बजट को पेश किया। सदन ने विज्ञापन से होने वाली आमदनी बढ़ाने, 4जी टावरों के लिए कंपनी से किराया वसूलने, रोड कटिंग करने वाली फर्मों से शुल्क वसूलने के निर्देश दिए।

भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने विभागों में कमीशन दो से तीन गुना बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने डस्टबिन और कंप्यूटर घोटाले का मामला भी उठाया। इस पर नगर आयुक्त अब्दुल समद का पारा चढ़ गया। राजेंद्र त्यागी भी भड़क गए। दोनों में जमकर कहासुनी हुई।

कई पार्षद नगर आयुक्त के समर्थन में आ गए। हंगामा बढ़ता देख महापौर अशु वर्मा को 10 मिनट के लिए बैठक स्थगित करनी पड़ी। वह खुद कुर्सी से उठकर आए और राजेंद्र त्यागी को शांत कराया। पौने एक बजे दोबारा बैठक शुरू हुई।

हंगामे के बीच बजट पर चर्चा हुई और कई संशोधनों के साथ अंत में उसे पास कर दिया। भाजपा पार्षद मुकेश त्यागी ने निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए सामुदायिक भवनों का किराया 3100 रुपये से बढ़ाकर 4100 रुपये करने और नामांतरण शुल्क 0.5 फीसदी से बढ़ाकर 1.0 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा।

सामुदायिक भवनों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पार्षदों के विरोध के चलते निरस्त हो गया, लेकिन नामांतरण शुल्क  दोगुना करने पर सभी पार्षदों ने मुहर लगा दी। यह निर्णय चालू वित्तीय वर्ष से लागू किया जाएगा।

यहां से आएगा पैसा:
राजस्व (संपत्ति कर, किराया आदि)        117.35 करोड़
लाइसेंस शुल्क                 1.15     करोड़
विक्रय                     40.84     करोड़
किराया                     4.29     करोड़
ठेका (पार्किंग आदि)            2.60     करोड़
शुल्क                     12.16     करोड़
शासकीय अनुदान व अन्य मदों से आय    376.30 करोड़
विविध आय                6.29     करोड़

यहां खर्च होगा पैसा
सार्वजनिक निर्माण             153.00 करोड़
जल संभरण व निस्तारण             74.85 करोड़
प्रकाश विभाग                 15.10 करोड़
स्वास्थ्य विभाग                 74.95 करोड़
उद्यान विभाग                28.30 करोड़
शिक्षा, लाइब्रेरी, समाज कल्याण         3.02 करोड़
संपत्ति व प्रवर्तन विभाग             1.25 करोड़
विधि विभाग                 1.43 करोड़
सामान्य प्रशासन, नजारत             55.03 करोड़
शासकीय अनुदान से कार्य             197.30 करोड़

मेयर ने पार्षदों संग सदन में लगाई झाड़ू

शुक्रवार को पार्षदों से हुए विवाद के चलते शनिवार को बैठक के दूसरे दिन निगम कर्मचारियों ने सदन सभागार में काम का बहिष्कार कर दिया था। उन्होंने पानी की खाली बोतलें, प्लेट नहीं उठाईं।

ऐसे में शनिवार को करीब साढ़े 10 बजे महापौर सदन में पहुंचे तो खुद ही हाथों में झाड़ू उठा ली। उन्हें देख लवली कौर व अन्य पार्षदों ने भी सदन की सफाई करनी शुरू कर दी। उन्होंने सारा कचरा उठाकर डस्टबिन में डाला। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू की गई।

 मेयर को मिलेगा बंगला-कार
नगर निगम ने जनता को तो कोई तोहफा दिया नहीं, लेकिन अफसरों ने महापौर को दो तोहफे देने का एलान कर दिया। एक पार्षद ने मांग उठाई तो नगर आयुक्त ने महापौर अशु वर्मा के लिए एक लग्जरी कार और मेयर हाउस बनवाने के मौखिक प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। निगम अधिकारियों ने नगर निगम का एक गेस्ट हाउस भी बनाने का प्रस्ताव पास किया।

डीजल चोरी पर भड़के पार्षद, गाइड लाइन जारी
डीजल चोरी के मामले में भी पार्षद जमकर भड़के। पार्षदों ने कहा कि पहले निगम के वाहन चार-पांच चक्कर प्रतिदिन डंपिंग ग्राउंड तक लगाते थे, लेकिन अब दो चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पर मानीटरिंग के लिए वाहनों में जीपीएस, डंपिंग ग्राउंड पर सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रानिक कांटा लगाया जाएगा।

वाहनों से संबंधित कंपनियों को पत्र भेजकर उनके वाहनों के माइलेज की जानकारी ली जाएगी। ताकि पता रहे कि वाहन एक घंटे में कितने किलोमीटर चलता है और कितना डीजल खर्च होता है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि बाहर से महंगा डीजल खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनगर एक्सटेंशन रोड स्थित अपने पंप से डीजल बंटवाया जाएं।

निगम बोर्ड में पास हुए अन्य प्रस्ताव :
निगम में स्थायी तौर पर तैनात होंगे पुलिसकर्मी
संपत्ति विभाग में तैनात होंगे तहसीलदार, लेखपाल
नगर बस सेवा शुरू करने पर होगा मंथन
डीएम सर्किल रेट के आधार पर निगम वसूलेगा दुकानों का किराया
मल्टीप्लेक्स पर बढ़ेगा प्रेक्षा कर (शो-टैक्स)
प्रत्येक वार्ड में 5-5 झूले, 20 बेंच लगाई जाएंगी
ग्रीन सिटी बनाने के लिए बड़े स्तर पर होगा पौधारोपण
रमतेराम रोड कामर्शियल कांप्लेक्स को पूरा कर दुकान लीज पर दी जाएगी
नेहरू नगर में निर्माणाधीन ऑडीटोरियम को जल्द पूरा कराया जाएगा

विज्ञापन नियमावली सदन से पास
नगर निगम की विज्ञापन नियमावली आपत्तियों के निस्तारण के बाद सदन से सर्वसम्मति से पास कर दी गई है। अब यह नियमावली शासन को भेजी जाएगी। वहां से गजट नोटिफिकेशन के बाद हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

सभी प्रक्रियाएं पूरी कर हाईकोर्ट से स्टे खारिज कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। फिलहाल हाईकोर्ट ने निगम में विज्ञापन नियमावली न होने के चलते शहर में नए सिरे से ठेके छोड़े जाने पर रोक लगा रखी है।

निगम ने नियमावली बना ली थी, लेकिन आपत्तियां न मांगी जाने पर इसे हाईकोर्ट में मिडास नाम की विज्ञापन फर्म ने चुनौती दे दी थी। कोर्ट ने विज्ञापन नियमावली की अधूरी प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया था।

वार्ड कोटा बढ़ा तो घोटालों पर साध ली चुप्पी
वार्ड कोटा बढ़ाया तो पार्षदों ने निगम के घोटालों पर भी चुप्पी साध ली। सीवर, नाली को लेकर निगम सदन में हंगामा करने वाले डस्टबिन, सोलर लाइट, कंप्यूटर और ट्रैक्टर खरीद प्रकरण पर मौन हो गए। वह निगम अधिकारियों के खिलाफ नहीं बोलना चाहते थे। हालांकि पार्षद राजेंद्र त्यागी ने इन सभी मुद्दों पर जमकर विरोध दर्ज कराया।

विवाद में अटक गया वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव
पार्षदों और कर्मचारियों के विवाद में सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव अटक गया। आक्रोशित पार्षदों ने उस पर चर्चा ही नहीं की। सफाई कर्मचारियों ने इसका विरोध किया।

मीटिंग के बाद महापौर अशु वर्मा ने उनसे मुलाकात कर आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराने का आश्वासन दिया। उधर, सफाई कर्मचारी यूनियन के संरक्षक संजीव पार्चा का कहना है कि सोमवार को महापौर से उनके आवास पर मिलकर बोर्ड प्रत्याशा में वेतन बढ़ाने की मांग करेंगे। मांग पूरी न हुई तो 27 अप्रैल से धरना देंगे।
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