इस बार रक्षाबंधन पर शहर में जाम नहीं महाजाम रहा। शहर के दोनों हाईवे समेत तमाम मुख्य मार्गों पर सुबह से लेकर रात तक गाड़ियां रेंगती रहीं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के बीच कई जगहों पर वाहनों के पहिए घंटों थमे रहे।
इस जाम में पुलिस की व्यवस्था पूरी तरह से फेल रही। आलम यह था कि सुबह को निकला भाई शाम तक भी मुश्किल से बहन तक पहुंच पाया। वहीं इस जाम ने कई भाई-बहनों को तो मिलने तक न दिया, खासकर उन्हे जिन्हें गाजियाबाद से वैशाली से मेट्रो पकड़कर दिल्ली जाना था।
मेरठ तिराहा से वैशाली मेट्रो स्टेशन तक रोड गाड़ियों से ‘पैक’ थी। दस मिनट का सफर घंटों में तय करने वाले लोगों की आम टिप्पणी यही थी कि जाम ने इस पर्व की मिट्टी पलीद कर दी। सुबह आठ बजे से ही शहर जाम के शिकंजे में फंस गया। दोपहर होते-होते जाम और भयावह होता चला गया।
दिल्ली के यूपी बॉर्डर, ज्ञानी बॉर्डर और आनंद विहार की तरफ से गाजियाबाद को आने-जाने वाली सड़कों पर गाड़ियों का रेला लग गया। ज्ञानी बॉर्डर से राजेंद्र नगर इलाके में घुसते ही जाम शुरू हो गया। आनंद विहार से मोहन नगर के बीच हजारों गाड़ियां फंस गईं। मोहन नगर जाम होने के चलते मेरठ तिराहे से मोहन नगर के बीच गाड़ियों के पहिये घंटों थमे रहे।
जीटी रोड के जाम होते ही एनएच-58 पर जाम लग गया। मुरादनगर से गाजियाबाद की तरफ आने वाली गाड़ियां एनएच-58 पर फंस गईं। जिन्हें एनएच-58 से दिल्ली की तरफ जाना था उन्होंने राजनगर एक्सटेंशन का रास्ता अपनाया लेकिन वे जीटी रोड के जाम में घुस न पाए और दोपहर बाद राजनगर एक्सटेंशन का रास्ता भी जाम की चपेट में आ गया।
हिंडन पुल से वसुंधरा-नोएडा की तरफ जाने वाली सड़क पर सुबह से ही जाम लगा था। यह ऐसा जाम था जिसे क्रॉस करके दिल्ली की तरफ जाना मुश्किल था। वैशाली में मेट्रो पकड़ने के लिए जो इस जाम में घुसे उन्हें जीटी रोड से वैशाली मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने में तीन से चार घंटे लग गए, ऐसे में दिल्ली में रहने वाली बहन तक पहुंचने के दौरान उन पर क्या बीती होगी, अंदाजा लगाया जा सकता है।
उधर दोपहर बारह बजते-बजते यूपी बार्डर से नोएडा के सेक्टर-62 के बीच दोनों तरफ जाम लग गया। वसुंधरा की तरफ से एनएच-24 पर आने वाला ट्रैफिक सीआरपीएफ चौराहे पर ठहर गया। सीआरपीएफ चौराहे से लालकुआं-डासना की तरफ आना-जाना मुश्किल हो गया। एनएच-24 से विजयनगर होकर जीटी रोड तक पहुंचने वाली सडक भी जाम से त्रस्त रही।
लालकुआं, राजनगर एक्सटेंशन, यूपी गेट, विजयनगर बाईपास और हापुड़ चुंगी पर वाहनों के पहिए थमे रहे। घंटों जाम के दौरान कई जगहों पर गाडियां भी खराब हुईं और इससे जाम और विकराल होते चला गया। देर रात तक दोनों हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही।
पुलिस व्यवस्था रही फेल
दोनों हाईवे और अन्य मार्गों पर कहीं-कहीं पुलिसकर्मी तो दिखे लेकिन वे जाम से लोगों को कोई राहत नहीं दिलवा पाए। मेरठ रोड पर एसपी सिटी खुद दल बल के साथ उतरे लेकिन जाम जस की तस रही।
जाम की सूचना एसएसपी को मिली तो उन्होंने वायरलेस सेट पर ही पुलिसकर्मियों की क्लास ली, मगर इसका भी कोई खास असर नहीं दिखा। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि जाम से निजात दिलाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। वाहनों का अचानक दबाव बढ़ जाने से जाम लगा।
14 घंटे जाम से जूझा टीएचए
मोहननगर, ज्ञानी बॉर्डर, हिंडन नहर रोड, वैशाली मेट्रो स्टेशन, बीकानेर कट, यूपी गेट, डाबर तिराहा और वैशाली पुलिया पर जाम की स्थिति बनी रही। शाम को बहनों और भाइयों के घर लौटने के दौरान जाम की समस्या और बढ़ गई। उधर, जीटी रोड पर नगर निगम ने नाले की सफाई के बाद सिल्ट सड़क पर ही छोड़ दी, जिससे जाम और बढ़ गया।
नहर रोड के बैरियर बने जाम का कारण
नहर रोड पर वाहनों की लेन बनाने के लिए लगाए गए बैरियर ही जाम का कारण बन गए। जाम के चलते वाहन चालक रांग साइड घुसने लगे, जिससे रोड पूरी तरह ब्लॉक हो गया। दोपहर तीन बजे से रात दस बजे तक इस रोड पर जाम लगा रहा।
वाहनचालकों ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस से गुहार लगाई मगर कोई मदद नहीं मिली। सीआईएसएफ कर्मी पंकज ने बताया कि तीन घंटे से बैराज के पास जाम में फंसे हैं। मगर कोई मदद नहीं मिल रही।
दिल्ली में चेकिंग, गाजियाबाद में जाम
रक्षाबंधन पर दिल्ली पुलिस बॉर्डरों पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही थी, जिससे बॉर्डर पर जाम की स्थिति बन रही थी।
जाम ने की परिवहन निगम की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त
जाम ने परिवहन निगम की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त कर दीं। रक्षाबंधन पर यात्रियों को अतिरिक्त बस उपलब्ध कराने के रोडवेज के दावे फेल हो गए। रोडवेज बसें एनएच-58 और 91 पर जाम में फंस गईं और बस अड्डों पर घंटों की देरी से पहुंचीं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। राखी बांधने के लिए जाने वाली बहनों को परेशानियां झेलनी पड़ीं तो भाइयों को बसों की छत पर सफर करना पड़ा।
गाजियाबाद-मेरठ रूट पर 22 बसें गाजियाबाद डिपो की और 37 बसें मेरठ डिपो की हैं। जबकि बुलंदशहर रूट पर 37 बसें हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा था कि यह बसें दो ट्रिप की बजाय रक्षाबंधन पर चार-चार ट्रिप लगाएंगी। जैसे ही यात्री आएंगे बस रवाना कर दी जाएंगी, लेकिन बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन पर शहर भर में जाम रहा।
रोडवेज की बसें एनएच-58 और एनएच-91 पर फंस गई। कई-कई घंटे बाद बसें पुराना बस अड्डे पर पहुंची। तब तक यात्री इंतजार करते रहे। हालात यह थे कि दो-तीन बस जितनी सवारी इकट्ठा हो जाने के बाद एक बस पहुंचती थी। रोडवेज के एआरएम आरसी सुखीजा का कहना है कि जाम की वजह से बसें देरी से लौटी।
उधर यही हाल रेलवे स्टेशन का भी रहा। गाजियाबाद से मेरठ, सहारनपुर, हापुड़, अलीगढ़, खुर्जा की ओर जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ रही। रेलवे ने रक्षाबंधन पर स्पेशल ईएमयू ट्रेन का संचालन किया। बृहस्पतिवार को पहले ही दिन यह ट्रेन यात्रियों से खचाखच भरी दिखाई दी।
मोदीनगर-मुरादनगर में हाईवे पर लगा जाम
रक्षाबंधन पर्व पर बृहस्पतिवार को हाईवे पर दिन भर जाम लगा रहा। इसके चलते बहनें देरी से घर पहुंच सकी। मोदीनगर में दोपहर बाद हाईवे जाम लगना शुरु हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। जाम में फंसे वाहन रेंगते रहे। उधर मुरादनगर में लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। कटों पर पुलिस तैनात होने के बावजूद भी लोग घंटों जाम में फंसे रहे। रावली रोड से असालतनगर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।