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Ghaziabad News: गृहकर वृद्धि पर तीन माह का आश्वासन, व्यापारियों ने स्थगित किया धरना

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गाजियाबाद। गृहकर की बढ़ी दरों के विरोध में चल रहा व्यापारियों का धरना रविवार को तीन माह में समस्या के समाधान के आश्वासन पर स्थगित कर दिया गया। साथ ही व्यापारियों ने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में समाधान नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे। अपर नगर आयुक्त अनविंद्र कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके राय व जोनल प्रभारी सिटी आरपी सिंह व्यापारियों के बीच पहुंचे और धरना स्थगित कराया।
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उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष गोपीचंद के नेतृत्व में व्यापारियों ने गृहकर की बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग को लेकर घंटाघर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के सामने शनिवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। रविवार को भी सुबह 11 बजे से सैकड़ों व्यापारी धरने में शामिल हुए। दोपहर करीब 12 बजे निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बताया कि गृहकर वृद्धि का मुद्दा शासन स्तर पर लंबित है। इसके समाधान में लगभग तीन माह का समय लगेगा।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवधि में किसी पर गृहकर जमा करने का दबाव नहीं बनाया जाएगा और न ही इस संबंध में कोई संदेश भेजा जाएगा। इस आश्वासन के बाद मंडल के जिलाध्यक्ष रामकिशोर अग्रवाल और महानगर अध्यक्ष ने धरना स्थगित करने की घोषणा की।
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इस मौके पर अशोक चावला, सुनील गोयल, मनोज गर्ग, नितिन वर्मा, राजदेव त्यागी, जुगल किशोर, विजय ढींगरा, राकेश पचौरी, सुखविंद्र, नीरज, अमित बंसल और जसवीर सिंह समेत अनेक व्यापारी मौजूद रहे।


शिकायत के जवाब में निगम बोला...न्यायालय के आदेश का हो रहा पालन
बसपा नेता और पटेल नगर द्वितीय बी ब्लॉक के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पंकज शर्मा ने बताया कि उन्होंने 16 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार के आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसका जवाब नगर निगम ने 29 मार्च को दिया। इसमें कहा गया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गृहकर की वसूली की जा रही है और नियमानुसार छूट भी दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निगम हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दे रहा है तो जनप्रतिनिधि लोगों को भ्रमित क्यों कर रहे हैं।


263 करोड़ रुपये की वसूली
नगर निगम बढ़ी हुई दरों के तहत अब तक 263 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है। यह वसूली उस समय हुई, जब औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा के अधीन जा चुका है। पिछले वर्ष निगम ने कुल 350 करोड़ रुपये का गृहकर संग्रह किया था।
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