सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही का आलम इस हद तक है कि वह मरीजों को बिना देखे दूसरे अस्पताल रेफर कर देते हैं। कभी-कभी तो मरीज को गंभीर बीमारी बता कर हायर सेंटर भी रेफर कर देते हैं।
ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को एमएमजी अस्पताल में देखने को मिला है। नंदग्राम की एक महिला अस्पताल में इलाज के लिए आई थी। चिकित्सक ने बिना जांच किए ही उसे कैंसर बता दिया।
नंदग्राम की रहने वाली प्रेमवती शुक्रवार को एमएमजी अस्पताल में इलाज कराने आई थी। उस समय इमरजेंसी में डॉ. शैलेंद्र प्रताप थे। महिला ने शरीर में दर्द की शिकायत की थी। उन्होंने महिला का चेकअप करके बता दिया कि फोड़े या गांठ की शिकायत है और कैंसर हो सकता है इसलिए इसका इलाज यहां नहीं होगा।
यह बताकर महिला को जीटीबी रेफर कर दिया। इस मामले की जानकारी जब सीएमएस डॉ. सुनील वाधवा को हुई तो उन्होंने महिला को दोबारा चेकअप के लिए भेजा। इन चिकित्सक पर पहले भी महिला को गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लग चुका है जिसकी वजह से महिला का हाथ बेकार हो गया था।
महिला के पति रोशन लाल ने बताया कि पत्नी को पसलियों में दर्द की शिकायत है और फीवर है।