चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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साहिबाबाद में 7 नवंबर 2004 को हुई ट्रांसपोर्टर दर्शन सिंह की हत्या के तीन आरोपियों को स्पेशल ईसी एक्ट कोर्ट ने दोषी करार दिया है। न्यायाधीश सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने तीनों को उम्रकैद की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है।
सरकारी वकील विद्याभूषण शर्मा ने बताया कि जी-87 दिलशाद कालोनी दिल्ली निवासी दर्शन सिंह का साहिबाबाद क्षेत्र में शेखावत गोल्डन ट्रांसपोर्ट नामक आफिस और गोदाम था। 7 नवंबर 2004 को दर्शन सिंह अपने गोदाम में सोया हुआ था। इसी दौरा तीन बदमाश ओसाफ, मुन्ना और चंद्रभान वहां लूट के इरादे से पहुंचे। दर्शन सिंह ने तीनों बदमाशों का विरोध किया तो बदमाश उन्हें गोली मारकर निकल भागे।
सरकारी वकील ने बताया कि इस पूरी वारदात को चौकीदार रामदास ने देखा था। चौकीदार ने तीनों बदमाशों को कोर्ट में भी पहचान लिया था। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने तीनों आरोपियों ओसाफ, मुन्ना और चंद्रभान को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।