गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित यूनियन हाइट्स में रहने वाली रुचिका मांगलिक पिछले चार सालों से लोगों को प्लास्टिक कचरे के प्रति जागरूक कर रही हैं। आज उनकी टीम में 10 महिलाएं हैं, जो सोसायटी के प्रत्येक घर से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करके उसका निस्तारण कराती हैं। पिछले दो सालों में वह सोसायटी से तीन हजार किलो प्लास्टिक कचरे का निस्तारण करा चुकी हैं।
रुचिता का कहना है कि वह हमेशा से ही समाज के लिए कुछ करना चाहती थीं, कूड़े खासतौर से पिन्नी के बारे में, जिससे नदी, नाले पटे रहते हैं और इसका कोई इस्तेमाल भी नहीं होता है। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने अपनी फ्रेंड का स्टेटस देखा, जिसमें कूड़े के निस्तारण के लिए एक कंपनी का पता था। उन्होंने उस कंपनी से संपर्क कर कूड़ा एकत्र करने और निस्तारण की जानकारी ली। उसके बाद सही दिशा मिलने पर वह इस काम में जुट गईं।
पहले उन्होंने सोसायटी में घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक किया। उनसे पिन्नी इकट्ठी कीं और उसके निस्तारण के लिए कंपनी और कुछ संस्थाओं से संपर्क किया। पिछले दो सालों में सोसायटी का तीन हजार किलो कचरा निस्तारित किया जा चुका है।
बच्चों की बनाई टीम
रुचिता कहती हैं कि लोगों को जागरूक करने के लिए महिलाओं के साथ बच्चों की भी टीम बनाई गई है। जो कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करते हैं। पोस्टर और चित्रकला प्रतियोगिता भी कराई जाती है। आसपास की सोसायटियों में भी अब लोगों को जागरूक किया जाएगा।
फटे कपड़े, पूजा सामग्री भी की जाती है एकत्रित
अब फटे कपड़े, पुराने जूते, पेपर वेस्ट के निस्तारण का भी काम शुरू किया गया है। फटे कपड़े एक कंपनी को दिए जाते हैं, जो इनसे धागा बनाती है। इसके अलावा पूजा सामग्री एकत्रित करके एक संस्था को दी जाती है, जो इसको रिसाइकलिंग कराती है।
सोसायटी में कंपोस्टर से बनाई जा रही खाद
सोसायटी में चार कंपोस्टर लगे हैं, जिनके माध्यम से कूड़े का निस्तारण कर खाद बनाई जा रही है। जल्द ही एओए से बात करके अन्य कंपोस्टर भी लगाए जाएंगे। उनका कहना है कि सोसायटी को जल्दी पूरी तरह कूड़ा मुक्त कर दिया जाएगा।