एक पढ़ता था पांचवीं में, दो सीख रहे थे हज्जाम का काम
गांव सैदपुर निवासी नाजिम मजदूरी करते हैं। उनका 13 वर्षीय पुत्र इमरान गांव के ही एक पब्लिक स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ता था। पड़ोसी सलीम वाहन चालक है। उनका 16 वर्षीय पुत्र वसीम हज्जाम का काम सीख रहा था। इसके अलावा गांव निवासी जान मोहम्मद गांव-गांव फेरी लगाकर फल बेचते हैं। जानमोहम्मद का 14 वर्षीय पुत्र समद भी हज्जाम का काम सीख रहा था। इमरान, वसीम और समद तीनों गहरे दोस्त थे।
ओवरटेक करने के चक्कर में तीनों को कुचला
परिजनों ने बताया कि रोजाना की तरह तीनों गुरुवार शाम गांव सैदपुर से गांव चुड़ियाला की तरफ पैदल घूमने गए थे। जैसे ही तीनों दोस्त पैदल घूमते हुए गांव चुड़ियाला के समीप पहुंचे तभी बेकाबू अज्ञात वाहन ने किसी वाहन को ओवरटेक करने के चक्कर में उन्हें रौंद दिया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद तीनों किशोरों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
परिवार में मचा कोहराम
इमरान की मौके पर ही मौत हो गई जबकि वसीम और समद गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन घायलों को हापुड़ के एक निजी मेडिकल कॉलेज ले गए, वहां चिकित्सकों ने वसीम को भी मृत घोषित कर दिया और गंभीर हालत के चलते समीर को हायर सेंटर रेफर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग, इमरान को पोस्टमार्टम कराए बगैर किया सुपुर्द-ए-खाक
सड़क हादसे में एक घर का इकलौता चिराग बुझ गया। नाजिम के 13 वर्षीय पुत्र इमरान और एक छह वर्षीय पुत्री आयशा है। बच्ची आयशा मूक बधिर है। इमरान घर का इकलौता चिराग था। इमरान गांव के ही एक पब्लिक स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। गुरुवार रात जैसे ही इमरान की मौत की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। मां अमरीन रोते रोत बेहोश हो गई।
इमरान पढ़ाई में था बहुत होनहार
घटना देख अबोध आयशा के रूदन से हर किसी की आंखें नम हो गईं। इमरान पढ़ाई में बहुत होनहार था। मां अमरीन रोते-रोत यही कह रही थी इमरान पढ़कर डॉक्टर बनना चाहता था ताकि अपनी बहन का अच्छे से उपचार कर सके मगर उसे नहीं पता था कि वो इस तरह काल के गाल में समा जाएगा। पुलिस ने परिजनों के आग्रह पर पंचनामा भरकर बिना पोस्टमार्टम कराए इमरान का शव उनके सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने गुरुवार रात ही शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
एक साथ दो मौतों से गांव में पसरा मातम
गुरुवार रात इमरान और वसीम की मौत की खबर गांव में पहुंची तो मातम पसर गया। ग्रामीणों ने बताया इमरान और वसीम पड़ोसी होने होने के साथ गहरे दोस्त भी थे। दोनों अधिकतर एक साथ ही रहते थे। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद वसीम का शव गांव पहुंचा तो घर में हा-हाकार मच गया। वसीम पांच बहन भाइयों में सबसे छोटा था।
पुलिस का बयान
सड़क हादसे में दो किशोरो की मौत हो गई व एक किशोर घायल हो गया। घायल किशोर का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। परिजनों ने अभी घटना की तहरीर नहीं दी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज आदि की मदद से आरोपी वाहन की पहचान की जा रही है। -अमित सक्सेना, एसीपी मोदीनगर