क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किए साइबर ठग। स्रोत: पुलिस
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गाजियाबाद। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 7.95 करोड़ ठगने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह जनपद की सबसे बड़ी साइबर ठगी थी। इसी साल जुलाई में इंदिरापुरम के रहने वाले एक व्यक्ति से यह ठगी की गई थी। ठग देश के 19 राज्यों में 77 करोड़ 52 लाख रुपये की साइबर ठगी कर चुके हैं।
पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों के तार कंबोडिया से जुड़े हैं । गाजियाबाद में ही तीन लोगों से इन्होंने करीब 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की है। आरोपियों से 1.04 करोड़ रुपये और चार मोबाइल भी बरामद किए हैं।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम शिवा जायसवाल(25) निवासी ग्राम महाराजपुर जनपद अमेठी, हाल पता स्नेहनगर आलमबाग जनपद लखनऊ, आशीष कनौजिया(25) निवासी ग्राम गोरी थाना हैदरगढ़ जनपद बाराबंकी, हाल निवासी प्रेमनगर आलमबाग जनपद लखनऊ और तुषार मिश्रा (28) निवासी भावरा चौराहा थाना कोतवाली जनपद मैनपुरी, हाल पता आवास विकास कालोनी थाना जगदीशपुरा जनपद आगरा बताए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए साइबर ठगों ने इंदिरापुरम में रहने वाले शशी रंजन कुमार से जुलाई 2025 में शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर 7.95 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की थी। साथ ही इंदिरापुरम में ही रहने वाले अंकित रस्तोगी से क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराकर 1.82 करोड़ रुपये और सिहानी गेट में रहने वाले प्रशांत सक्सेना से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 59.99 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।