गाजियाबाद। बादलपुर गौतमबुद्धनगर निवासी व्यक्ति से दिल्ली सचिवालय में डेटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी होने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपियों ने पैसे लेने के बाद पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। पत्र लेकर नौकरी वाली जगह पर जाने के बाद फर्जीवाड़े का पता चला। बाद में पैसे मांगने पर आरोपियों ने झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
एसीपी मसूरी लिपी नगायच ने बताया कि गांव दुरियाई, कचैड़ा बादलपुर गौतमबुद्धनगर निवासी कृष्णपाल ने डिडवारी-चितौड़ा मसूरी निवासी सागर व उसकी मां सुनीता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित के अनुसार वह अपने बेटे के साथ अपनी बेटी की ससुराल गया था। इस दौरान उनकी मुलाकात उपरोक्त आरोपियों से हुई। सागर ने उन्हें बताया कि वह दिल्ली सचिवालय में नौकरी करता है और वहां डेटा एंट्री आपरेटर के पद पर तीन वेकेंसी निकली हैं। वह तीन लाख रुपये में उनके बेटे की नौकरी लगवा देगा। पीड़ित ने घर परिवार में सलाह मशवरा करने के बाद नौकरी के लिए हां कर दी और कई बार में आरोपियों को तीन लाख दस हजार रुपये दे भी दिए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दे दिया। पीड़ित का बेटा जब नौकरी के लिए पत्र लेकर पहुंचा तो पता चला कि वह तो फर्जी है। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। ठगी होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। मसूरी पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।