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Ghaziabad News: गाजियाबाद की तीन फर्मों से देशभर में हुई कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई

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गाजियाबाद। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में औषधि निरीक्षकों की टीम ने जिले की 22 संदिग्ध फर्मों पर छापा मारकर कोडीनयुक्त सिरप की बिक्री संबंधी दस्तावेज खंगाले हैं। इस दौरान पाया गया कि तीन फर्मों से इसी वर्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित देशभर में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई हुई है। इसके अलावा कहीं से दो वर्ष तो कहीं से एक वर्ष पहले कोडीनयुक्त सिरप की बिक्री हुई है। टीम ने फर्मों से स्टॉक और बिक्री संबंधी दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
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जिन तीन फर्मों से इस वर्ष कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री हुई है, उनमें साहिबाबाद स्थित कैडिज लाइफसाइंस व एस्ले फार्माटेक प्रा. लि. और नवयुग मार्केट स्थित ओबसर्ग बॉयोटेक लि. शामिल हैं। टीम ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जिलाधिकारी ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री करते पूर्व में पकड़े गए और फिर से इसी गोरखधंधे में लिप्त फर्म संचालकों व अन्य लोगों पर गैंगस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।
औषधि निरीक्षक आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि जिन फर्मों में छापेमारी की गई, उनमें से अधिकांश बोगस निकलीं। बोगस फर्मों के नाम पर भी फर्जी बिल बनाकर कफ सिरप की देश के विभिन्न प्रदेशों व बांग्लादेश में तस्करी की गई। कैडिज लाइफसाइंस से कोडीन फास्फेट युक्त लाइकरैक्स-टी सिरप प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सप्लाई किया गया। वहीं, एस्ले फार्माटेक प्रा. लि. में कोडीनयुक्त रैक्सले-टी सिरप की बिक्री होना पाया गया। ओबसर्ग बायोटेक लिमिटेड में सपकॉफ-टी सिरप के देशभर में सप्लाई के प्रमाण मिले।
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तीनों फर्मों में ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अंतर्गत नारकोटिक व साइकोट्रोपिक श्रेणी की सभी औषधियों की बिक्री तत्काल बंद करा दी गई है। साथ ही इनको नोटिस जारी किए गए हैं। टीम ने 14 बोगस फर्मों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है, जिस पर आवश्यक कार्रवाई चल रही है।
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