टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अनमोल करीब तीन फुट उछल कर फ्लाईओवर से नीचे गिर गए। इसके बाद बाइक अनियंत्रित हो गई और उस पर सवार रजत और विशाल भी उछलकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गए। दूधेश्वरनाथ पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी तीनों को पास में ही स्थित एमएमजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अनमोल के परिजनों का कहना है कि सफाई के दौरान फ्लाईओवर को दोनों तरफ से थोड़ी देर के लिए बंद किया गया था, इसके बावजूद बैरीकेडिंग हटाकर बाइक सवार फ्लाईओवर पर आ गए। साथ ही सफाईकर्मियों ने रिफ्लेक्टिंग जैकेट भी पहन रखी थी। अनमोल तसले में मिट्टी भरकर उठा रहा था। इसी बीच पीछे से बाइक ने टक्कर मार दी।
खाना लेने के लिए निकले थे दोनों
रजत कुमार वर्ल्ड स्क्वायर मॉल में केंटाविल के शोरूम में काम करता था। वह पिछले तीन साल से यहीं काम कर रहा था। वह अपने दोस्त विशाल के साथ गांधीनगर में किराए के मकान में रह रहा था। दोनों रात को खाना लेने के लिए बाइक पर निकले थे। रजत को बाइक चलानी नहीं आती थी। ऐसे में विशाल घटना के दौरान बाइक चला रहे थे।
इसी साल शुरू किया था काम
अनमोल ने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की थी। उनके पिता जसवीर भी नगर निगम में ठेके पर सफाई कर्मचारी हैं। खुद का खर्चा निकालने के लिए उन्होंने निगम में संविदा का काम करना शुरू कर दिया था। परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई भी हैं।
रजत पर थी परिवार की जिम्मेदारी
रजत अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। अगले महीने वह एमए की परीक्षा देने के लिए छु्ट्टी लेकर प्रयागराज जाने वाले थे लेकिन इससे पहले ही हादसे का शिकार हो गए। पिता प्रयागराज में खेती करते हैं। अपने भाइयों को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी रजत के कंधों पर थी। ऐसे में एक मात्र कमाने वाले की मौत हो जाने से परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
फ्लाईओवर से गिरने की घटना एमएमजी अस्पताल के सामने बनी दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में तीनों के एक के बाद एक गिरते दिख रहे हैं। जस्सीपुरा कट से करीब 20 कदम आगे तीनों सड़क पर गिरे थे। कोतवाली प्रभारी अमित कुमार खारी का कहना है कि मामले में परिजनों ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
रात में नहीं जलती स्ट्रीट लाइट
जस्सीपुरा मोड़ के पास फ्लाईओवर पर लगी स्ट्रीट लाइटें अक्सर खराब रहती हैं। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसके अलावा फ्लाईओवर पर घंटाघर की ओर से चढ़ते ही पुल की दीवार टूटी है। पिछले हफ्ते यहां एक ट्रक पलटने से बचा था। एक स्कूटी सवार की भी यहां मौत हो चुकी है। इसके अलावा फ्लाईओवर दो लेन होने और डिवाइडर नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।