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Heatwave: मार्च में ही गर्म हवाएं चलने से जल्दी लू शुरू होने की संभावना, प्रशासन ने बचाव की तैयारी शुरू की

Thu, 27 Mar 2025 10:35 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए दवाएं और ओआरएस पाउडर का स्टाक भी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी पर भी मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
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गर्मी का बढ़ता सितम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस बार मार्च में ही गर्मी बढ़ने और गर्म हवाएं चलने से लू जल्दी शुरू होने की संभावना है। इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पतालों में शीतल कक्ष (कोल्ड रूम) तैयार कर बेड रिजर्व किया जा रहा है। जिससे कि कोई भी लू की चपेट में आता है तो उसे तुरंत उपचार दिया जा सके। संयुक्त अस्पताल में छह बेड का वार्ड रिजर्व कर दिया गया है।

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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि एमएमजी व संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल के अलावा मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी व डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को लू से बचाव के लिए शीतल कक्ष तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शीतल कक्ष में मरीजों के लिए बर्फ की सिकाई के अलावा शरीर का तापमान सामान्य करने के लिए व्यवस्था रहेगी। 

इसके अलावा डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए दवाएं और ओआरएस पाउडर का स्टाक भी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी पर भी मरीजों को इलाज मिल सकेगा। सभी अस्पतालों को निर्देश हैं कि लू से संबंधित कोई भी केस आने पर तुरंत सीएमओ कार्यालय को सूचना भेजी जाए, जिससे मरीज को तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

ओआरएस काउंटर तैयार किए जाएं
जिला अस्पताल व सीएचसी पर बेड रिजर्व करने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं करने का भी निर्देश जारी किया गया है। अस्पतालों की इमरजेंसी में पूर्व की तरह ओआरएस काउंटर भी बनाए जाएंगे, जिससे मरीजों को ओआरएस 24 घंटे उपलब्ध हो सकें।

67 लोगों की मौत में दो में हुई थी लू की पुष्टि
2024 में अप्रैल से लेकर जून तक गर्म हवाएं और लू चलने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। लोगों की सड़कों पर चलते-चलते मौत हो गई थी। काफी संख्या में लोग बेहोश हुए थे। इसकी चपेट में आने से छह दिन में 67 लोगों की मौत होने के बाद भी डेथ ऑडिट समिति को केवल 10 मृतकों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली थी। डेथ ऑडिट समिति की जांच एक साल में भी पूरी नहीं हुई। 10 रिपोर्ट के आधार पर किए गए डेथ ऑडिट में लू लगने से दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी।

सीएमओ डॉ.अखिलेश मोहन ने बताया कि सभी मौत का ऑडिट का कराने के साथ ही रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। उसमें मरीज की मौत का कारण भी लिखा गया था। दो लोगों की लू लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। अन्य मृतकों में मौत का कारण अलग-अलग था।
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जिला एमएमजी अस्पताल ने जारी की थी रिपोर्ट
17 जून : 10 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था, छह की मौत उपचार के दौरान हुई थी।
18 जून : नौ लोगों को मृतावस्था में लाया गया था, नौ की मौत इलाज के दौरान हुई थी।
19 जून : 10 लोगों को मृतावस्था में लाया गया था, एक की मौत इलाज के दौरान हुई थी।
20 जून : आठ लोगों को मृतावस्था में लाया गया था, चार की उपचार के दौरान मौत हुई थी।
20 जून : संयुक्त अस्पताल में चार लोगों की मौत हुई थी।
21 जून : दो लोगों को मृतावस्था में लाया गया था, उपचार के दौरान तीन की मौत हुई थी।
22 जून : नौ महीने के बच्चे समेत दो को इमरजेंसी में मृतावस्था में लाया गया।

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