मुंशी की जेब से 50 हजार रुपये चोरी
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील मुख्यालय स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में चोरों ने मंगलवार सुबह अधिवक्ता के मुंशी सलमान सैफी की जेब से 50 हजार रुपये चोरी कर लिए। रजिस्ट्रार कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे खराब मिलने पर गुस्साए अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। मुंशी सलमान ने थाने में घटना की तहरीर दी है।
नगर की मानवतापुरी कॉलोनी निवासी सलमान सैफी अधिवक्ता पुनीत चौधरी के मुंशी है। तहसील परिसर में प्रथम मंजिल पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय है। सलमान सैफी ने बताया कि मंगलवार सुबह वह पक्षकारों के साथ बैनामा कराने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय गए थे। रजिस्ट्रार कार्यालय में भीड़ अधिक थी। आरोप है कि इसी दौरान चोरों ने मौका देखकर सलमान की जेब में रखे पचास हजार रूपये चोरी कर लिए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अधिवक्ताओं की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्रार कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज चेक करने की मांग की।
मगर रजिस्ट्रार कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। इससे अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और गुस्साए अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्रार कार्यालय व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा काटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर मामला शांत कराया। सब रजिस्ट्रार के अवकाश पर होने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दस दिन में दूसरी वारदात
बार एसोसिएशन मोदीनगर के सचिव सौरभ मुद्गल शर्मा ने आरोप लगाया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रशासन की लापरवाही के कारण लगातार चोरी की घटनाएं हो रहीं है। बार सचिव ने बताया कि लगभग दस दिन पूर्व भी नकदी चोरी की घटना हुई। उन्होंने बताया कि चोरों ने दस दिन पूर्व बैनामा कराने आए सत्ताधारी दल के कद्दावर नेता के रिश्तेदार की जेब से भी पचास हजार रूपये चोरी कर लिए थे। तब भी रजिस्ट्रार कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे खराब बताए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली घटना से पुलिस प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया जिसके कारण ताबड़तोड़ चोरी की घटनाएं हो रही है।
भगवान भरोसे सब रजिस्ट्रार कार्यालय की सुरक्षा
रजिस्ट्रार कार्यालय की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यहां आए दिन घटनाएं हो रही है। बीते वर्ष 26 अगस्त को बदमाशों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में सेंधमारी की थी। बदमाश सब रजिस्ट्रार कार्यालय की दीवार में कुंबल कर अंदर दाखिल हो गए थे और वहां रखी तिजोरी तोड़ने का प्रयास किया था। काफी प्रयास के बाद भी जब तिजोरी नहीं टूटी तो बदमाशों ने आलमारियों के ताले तोड़कर उनमें रखी फाइलें इधर उधर फेंक दीं थी। घटना के समय तिजोरी में बारह लाख रूपये से अधिक की नकदी थी। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था मगर पुलिस एक साल बाद भी घटना का खुलासा नहीं कर सकी।