साहिबाबाद। 94वें एयरफोर्स डे का साक्षी बने जवानों के परिजन गर्व से भाव-वि भोर हो उठे। अलग-अलग शहरों और देहात से परिजन अपनों का शौर्य देखने कार्यक्रम में शामिल हुए। वायु सेना दिवस के परेड में शामिल अपने बेटे दिनेश की प्रस्तुति को देखने उनकी मां सरोज कल्याईकुंदा कोलकाता से यहां पहुंचीं। उन्हाेंने कहा कि बेटा बचपन से ही सेना में शामिल होने की बात करता और आज यहां देख सीना गर्व से चौड़ा हो गया। केरला से पहुंचीं प्रिया ने कहा कि वह कई वर्ष से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनती आ रही हैं, उन्हें न केवल खुशी है बल्कि भी गर्व होता है कि वह एक सैनिक की पत्नी हैं।
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चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था, सिविल डिफेंस ने संभाली ट्रैफिक की कमान
कार्यक्रम के दौरान एयरफोर्स परिसर के बाहर से लेकर अंदर तक सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। सुबह से ही भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया था। एयरफोर्स के बाहर जहां सिविल डिफेंस के वालंटियर्स ने ट्रैफिक की कमान संभाली, वहीं अंदर वायु सेना के जवान व कमांडो चप्पे-चप्पे पर तैनात थे। बिना पास के किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया।
देसी अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा
कार्यक्रम में बहुत से जवानों के परिजन अपने क्षेत्रीय परिधान में शामिल हुआ था। कोई धोती कुर्ता तो कोई घाघरा-चोली में कार्यक्रम का हिस्सा बने। ऐसे लोगों की मुस्कुराहट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।