गाजियाबाद/मसूरी। पैतृक मकान के विवाद को सुलझाने के लिए भतीजे तालिब ने सगे चाचा अफजाल (34) की मंगलवार को हत्या कर दी। तालिब ने फोन करके चाचा को दोपहर में फैक्टरी में बुलाया था। इस दौरान हुए विवाद में तालिब ने तमंचा कनपटी से सटाकर अफजाल को गोली मार दी। गोली चलते ही अफजाल जान बचाने के लिए कारखाने की सीढ़ियों की तरफ दौड़े लेकिन तालिब ने पीछे से हथौड़े से सिर पर कई प्रहार कर दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
अफजाल पुत्र सत्तार और तालिब पुत्र असलम के बीच लुहारों वाली मस्जिद वार्ड संख्या नौ डासना में स्थित पैतृक मकान के बंटवारे को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा कि दोनों के बीच 15 दिन पहले भी विवाद हुआ था। शिकायत के बाद पुलिस ने समझौता करा दिया था। एसीपी मसूरी लिपी नागायच ने बताया कि मंगलवार को तालिब ने अफजाल को मकान का विवाद सुलझाने की बात कहकर रफीकाबाद स्थित अपनी कन्नी बनाने वाली फैक्टरी में बुलाया। करीब डेढ़ बजे बाइक से अफजाल फैक्टरी में पहुंचे। जहां दोनों में विवाद हुआ और तालिब ने अफजाल की हत्या कर दी।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को आता देख अफजाल मौके से भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर 315 बोर का एक खोखा और रक्तरंजित हथौड़ा बरामद किया है। मसूरी पुलिस ने आरोपी तालिब को लालकुआं से गिरफ्तार कर लिया। वह भागने की फिराक में बस का इंतजार कर रहा था। अफजाल के पिता सत्तार ने तालिब पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
मजदूरों के जाते ही बनाया हत्या का प्लान
तालिब की फैक्टरी में चार अन्य कारीगर भी काम करते हैं। तालिब और अफजाल को फैक्टरी में छोड़कर कारीगर खाना खाने अपने-अपने घर चले गए थे। इसी दौरान तालिब ने अफजाल की हत्या का प्लान बनाया और पहले से लाकर रखे तमंचे से फायर झोंक दिया। हथौड़े से प्रहार कर शव की पहचान मिटाने का प्रयास भी किया। आशंका है कि तालिब शव को छिपाने की फिराक में था। गोली की आवाज सुनकर आए लोगों को देखकर तालिब शव छोड़कर मौके से भाग गया।
अम्मी तारीख पर जाती है, कोई सुनने का तैयार नहीं था
वेव सिटी थाना क्षेत्र स्थित डासना में दोनों का पैतृक मकान है। हालांकि इस पर अफजाल और उसके पिता सत्तार काबिज हैं। तालिब अपने पिता असलम और परिजनों के साथ रफीकाबाद में रहता है। मकान के बंटवारे को लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन है। पुलिस पूछताछ में आरोपी तालिब ने बताया कि अपने ही मकान के लिए उसकी अम्मी कोर्ट में तारीख पर जाती हैं। कई बार बाबा सत्तार और चाचा अफजाल से मकान का विवाद सुलझाने को कहा लेकिन वह नहीं माने।
घटनास्थल से एक खोखा और खून से सना हथौड़ा शव के नजदीक से बरामद किया गया है। गोली सिर में लगी या नहीं इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में होगी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, पूछताछ की जा रही है। -सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण।
रफीकाबाद में इसी जगह अफजाल की गोली मारकर की थी हत्या। संवाद