गाजियाबाद। दोस्ती… एक ऐसा रिश्ता जिसे खून से नहीं, भरोसे से सींचा जाता है। यह वह बंधन माना जाता है, जिसमें न स्वार्थ होता है, न हिसाब-किताब। सुख में साथ, दुख में ढाल बनने वाली यही दोस्ती जब टूटती है तो सिर्फ एक रिश्ता नहीं मरता, बल्कि भरोसा दम तोड़ देता है।
गाजियाबाद में हाल के दिनों में दोस्ती कई बार खून से लाल हो चुकी है। लोग अभी लोनी के सूर्या और नगर कोतवाली के चिराग हत्याकांड को भूले भी नहीं थे कि बर्थडे पार्टी में बुलाकर दोस्त की ही चाकू से गोदकर हत्या ने दिल दहला दिया।
केस-एक: चिराग त्यागी हत्याकांड
30 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या उसके ही दोस्त यश खटीक ने कर दी। दोनों ने कॅरिअर की शुरुआत एक ही ट्रैक से की थी, लेकिन चिराग अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया, जबकि यश पीछे रह गया।
यही असफलता और जलन धीरे-धीरे इतनी गहरी हो गई कि उसने दोस्ती का गला घोंट दिया।
केस-दो: बकरीद पर टूटा भरोसा
29 मई 2026 को नवनीत विहार कॉलोनी में रहने वाले 11वीं के छात्र सूर्या को उसके दोस्त असद ने घर बुलाया। सूर्या मुस्कुराते हुए पहुंचा, गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसी दौरान असद ने चाकू से वार कर उसकी जान ले ली। त्योहार की खुशियों के बीच दोस्ती का यह अंत पूरे इलाके को सन्न कर गया।
केस-तीन: गिल्ली-डंडे की बहस से हत्या तक
25 मई 2026 को विजय विहार कॉलोनी में गिल्ली-डंडा खेलते वक्त हुई मामूली कहासुनी ने बड़ा रूप ले लिया। ऑटो चालक आफताब की उसके ही दोस्त नदीम ने हत्या कर दी। नदीम ने पहले ही धमकी दी थी कि उसके मोहल्ले में आने पर जान से मार देगा, लेकिन आफताब ने इसे मजाक समझा और मिलने पहुंच गया। वहां पहले से तैयार साजिश में उसकी हत्या कर दी गई।