साहिबााबद। वसुंधरा सेक्टर-7 की जमीन पर एम्स सेेटेलाइट सेंटर निर्माण पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, आवास विकास परिषद अंदरखाने सेक्टर-7 की जमीन का लेआउट एक बार फिर से रिवाइज करने की तैयारी में जुटा हुआ है। लेआउट रिवाइज करने की वजह एम्स सेटेलाइट सेंटर का यहां निर्माण न होना माना जा रहा है। डेढ़ वर्ष पूर्व आवास विकास परिषद ने एम्स सेटेलाइट सेंटर के लिए करीब 10 एकड़ जमीन सेक्टर-7 में आरक्षित की थी।
सेटेलाइट सेंटर के निर्माण पर संशय, वसुंधरा सेक्टर-7 की जमीन का अधिक महंगा होना बताया गया है। आवास विकास परिषद ने एम्स प्रबंधन को अपनी जमीन का सर्किल रेट 53 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर बताया था। ऐसे में दस एकड़ जमीन के लिए एम्स प्रबंधन को मोटी रकम देनी होगी। यही वजह है कि डेढ़ वर्ष पूर्व बैठक में सेटेलाइट सेंटर के लिए जमीन आरक्षित करने के बावजूद एम्स प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। ऐसे में परिषद अधिकारी लेआउट रिवाइज करने की कागजी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में कोई भी अधिकारी सीधे तौर पर कुछ भी नहीं कह रहे और शासन से मनाही के बाद ही जमीन पर नया प्लान करने की बात कर रहे हैं। गाजियाबाद में एम्स सेटेलाइट सेंटर बनाए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो वर्ष पूर्व सितंबर 2024 को कविनगर रामलीला मैदान में की थी। घोषणा के बाद जीडीए और आवास विकास को जमीन देने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
लेआउट रिवाइज में ग्रुप हाउसिंग पर चल रही चर्चा
वसुंधरा सेक्टर-7 के तीन प्लॉट पहले ही ग्रुप हाउसिंग के लिए परिषद बेच चुका है। इस सेक्टर में अब सेटेलाइट सेंटर के लिए कॉर्नर की जमीन बची हुई है। रिवाइज लेआउट में इस जमीन को भी ग्रुप हाउसिंग को देने की तैयारी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
लेआउट रिवाइज हो रहा है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। शासन से जब लिखित में सेटेलाइट सेंटर न बनाने की बात कही जाएगी। उसके बाद जमीन पर नई योजना बनाएंगे। दस एकड़ जमीन अभी आरक्षित है। अजय कुमार मित्तल, अधीक्षण अभियंता आवास विकास परिषद