फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: दिनदहाड़े लूट से पुलिस को चुनौती देने वाले बदमाश 24 घंटे बाद भी पकड़ से दूर

विज्ञापन
कुरकुरे वाली खबर - फोटो : samvad
विज्ञापन
गाजियाबाद। डायल-112 रिस्पांस में प्रदेश में अव्वल बताई जाने वाली गाजियाबाद पुलिस को दिनदहाड़े कैश वैन से 27 लाख रुपये लूटकर चुनौती देने वाले बदमाश 24 घंटे बाद भी पकड़ से दूर हैं। बदमाशों के संबंध में अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस अब तक यह भी स्पष्ट नहीं कर सकी है कि बदमाश किस रास्ते से फरार हुए। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

घटना बुधवार दोपहर करीब एक बजे क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में एनएच-9 पर हुई थी। तीन नकाबपोश बदमाश एटीएम में कैश डालने वाली वैन के चालक को आतंकित कर 27 लाख रुपये लूट ले गए थे। इस दौरान चालक वैन में अकेला था, जबकि एक सुरक्षाकर्मी और दो कैशियर एटीएम में कैश डालने गए थे। वारदात के करीब 20 मिनट बाद बदमाश लूटी गई वैन को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर कुशलिया के पास छोड़कर फरार हो गए।
आशंका है कि आरोपी डीएमई से होते हुए हवा-हवाई रेस्टोरेंट के पास चितौड़ा मार्ग से निकल गए। इस रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से पुलिस को जांच में दिक्कत आ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर बदमाश इसी रूट से भागे हैं तो उनके पास भोजपुर टोल या मेरठ परतापुर टोल पार कर निकलने का विकल्प था। एक्सप्रेसवे पर इस दूरी को तय करने में कम से कम 35 मिनट लगा होगा, इसके बावजूद पुलिस घेराबंदी नहीं कर सकी।
विज्ञापन

अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट

इंडिया वन कंपनी के कैशियर रजनीश त्रिपाठी की शिकायत पर क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिकायत में लूटी गई रकम का उल्लेख नहीं किया गया है। रजनीश ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने चालक को धक्का देकर सड़क किनारे फेंक दिया था और कैश वैन लेकर फरार हो गए। चालक ने फोन कर सुरक्षाकर्मी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

बदमाशों के स्थानीय कनेक्शन की आशंका गहराई

कुशलिया के पास वैन छोड़ने और सुनियोजित तरीके से फरार होने के तरीके से पुलिस को बदमाशों के स्थानीय कनेक्शन की आशंका है। इससे यह भी साफ है कि घटना की पटकथा काफी पहले लिखी जा चुकी थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाशों को डीएमई, एनएच-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और आसपास के गांवों के रास्तों की पूरी जानकारी थी। उन्हें यह भी मालूम था कि डीएमई पर नियमित पुलिस चेकिंग नहीं होती। पुलिस ने चितौड़ा मार्ग के आसपास पेट्रोल पंपों और अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय मदद के बिना इतनी सटीक योजना के साथ वारदात को अंजाम देना आसान नहीं था।
आठ टीमें जांच में जुटीं

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस की आठ टीमें लगाई गई हैं। जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

कुरकुरे वाली खबर- फोटो : samvad

कुरकुरे वाली खबर- फोटो : samvad

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें