साहिबाबाद। साहिबाबाद पुलिस ने 13 अक्तूबर को श्याम एन्क्लेव स्थित गोदाम में 85 लाख रुपये की कोडीनयुक्त कफ सिरप पकड़ जाने के मामले की जांच अब अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) को ट्रांसफर कर दी है। मामले में सिरप की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क, उसके भंडारण और परिवहन की कड़ियों का पता लगाया जाएगा। पुलिस की जांच करेगी कि नशीले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप की खेप कहां से लाई गई थी। इसे बिहार के पटना में किस तरह और किसे भेजा जाना था।
13 अक्तूबर को साहिबाबाद थाना पुलिस ने 85 लाख रुपये की कोडीनयुक्त कफ सिरप की खेप बरामद की थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सिरप हिमाचल प्रदेश से पटना भेजा जाना था। मामला सामने आने के बाद नशीली दवाओं की अवैध खरीद-फरोख्त को लेकर पुलिस और औषधि विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बताया कि जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद अब खेप की सप्लाई से जुड़े लोगों और संभावित ठिकानों की पड़ताल की जाएगी। यह पता लगाने का प्रयास होगा कि सिरप के परिवहन और भंडारण में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही, यह भी जांच की जाएगी कि इस तरह की दवाओं की सप्लाई के लिए किसी संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। इस मामले के बाद जिले में नशीली दवाओं की अवैध खरीद-फरोख्त पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और औषधि विभाग संदिग्ध गोदामों की जांच करने में जुटे हुए हैं। खासतौर पर ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े इलाकों के गोदामों को चिह्नित कर उनकी जांच की जाएगी। पुलिस प्रतिबंधित या नियंत्रित दवाओं का अवैध भंडारण और सप्लाई करने वाले स्थानों को तलाश करने में जुट गई है। डीसीपी ने बताया कि कोडीनयुक्त कफ सिरप का इस्तेमाल निर्धारित चिकित्सकीय जरूरतों के अलावा नशे के लिए भी किया जाता है। ऐसे में इसकी अवैध बिक्री, भंडारण और परिवहन पर निगरानी जरूरी है। क्राइम ब्रांच की जांच में सप्लाई चेन से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।