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Ghaziabad News: रावण के पुतले बनाने के दौरान हुए धमाके में अब ठेकेदार के बेटे ने भी तोड़ा दम

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साहिबाबाद। लाजपत नगर रामलीला मैदान के समुदायिक भवन में सोमवार को रावण के पुतले बनाने के दौरान हुए पांच धमाकों में ठेकेदार अनिल कुमार के बाद बृहस्पतिवार दोपहर को उनके बड़े बेटे ऋषभ ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ऋषभ चार दिन से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा था। मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कारीगर महेंद्र और जीटीबी अस्पताल में भर्ती राजू की हालात भी नाजुक बनी हुई है। वहीं, रजत की हालात में पहले से सुधार बताया जा रहा है।
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डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बताया कि सोमवार को हुए हादसे के बाद ऋषभ (29) निवासी भंगी पुलिया रमपुरा मोहल्ला पिलखुवा हापुड़ को गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। वहीं, परिजनों ने बताया कि ऋषभ पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। पहले उनके पिता अनिल कुमार और अब ऋषभ की मौत से परिवार टूट गया है। इस धमाके में घायल महेंद्र नामक कारीगर भी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। कारीगर राजू का भी गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल में उपचार चल रहा है। हालांकि, रजत नामक एक अन्य घायल की हालत में सुधार बताया जा रहा है। डीसीपी ने बताया कि डॉक्टरों की टीमें लगातार उनकी निगरानी कर रही है। रजत की हालत में सुधार आना राहत की खबर है। वहीं, रामलीला समिति ने घायलों के परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। बता दें कि शनि चौक पुलिस चौकी के सामने करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित सामुदायिक केंद्र में सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे रावण का पुतला तैयार करने के दौरान पास में रखे बारूद में धमाका हुआ। धमाकों से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पिता-पुत्र समेत कुल सात लोग घायल हुए थे। घायलों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और राजीव गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां मंगलवार सुबह राजीव गांधी अस्पताल में ठेकेदार अनिल कुमार (51) की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ठेकेदार अनिल के भाई मोहित ने बताया कि ऋषभ की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पहले पिता की मौत और अब बड़े बेटे का चले जाना परिवार के लिए असहनीय है। परिवार में मातम पसरा हुआ है। गांव में भी शोक छा गया।
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