मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। वहीं, देर शाम लोनी पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी रोहित (31) और वीर सिंह उर्फ भोला (53) निवासी ग्राम निठौरा लोनी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए हैं।
मृतका के पिता ने बताया कि बुधवार की रात उनकी बेटी खाना खाकर कमरे में सोने चली गई थी। सुबह करीब साढ़े छह बजे उनका बेटा जागा तो देखा कि उनकी मानसिक दिव्यांग बहन कमरे में नहीं है। बेटा दूसरे कमरे में गया तो देखा कि बहन का शव पंखे में चुन्नी से लटका हुआ है।
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। युवती की मौत की खबर सुनकर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। दो दिनों बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज लोग एकत्रित होकर कस्बा पुलिस चौकी पहुंचे। जहां लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर एडिशनल कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी और एसीपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर शांत कराया।
नशे में आरोपियों ने किया सामूहिक दुष्कर्म : डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम लोनी पुलिस निठौरा अंडरपास पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो लोग आते दिखाई दिए। बाइक मोड़कर आरोपी भागने लगे, पीछा करने पर टीम पर बदमाशों ने फायर कर दिया।
जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाएं और दूसरे के बाएं पैर में पुलिस की गोली लगी। इससे असंतुलित बाइक सवारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में घायलों ने अपने नाम रोहित (31) और वीर सिंह उर्फ भोला (53) निवासी ग्राम निठौरा लोनी बताए। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त की शाम को गांव के नजदीक ट्यूबवेल पर बैठकर दोनों शराब पी रहे थे।
इसी दौरान 23 वर्षीय मंदबुद्धि युवती उन्हें रास्ते में जाती दिखी। जिसे दोनों खींचकर ट्यूबवेल के पीछे ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद वह अपने घर चले गए। मामला उजागर होने पर वह घरों से भाग गए थे। बताया कि इस मामले में पहले सामूहिक दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। अब युवती की मौत होने पर धाराओं को बढ़ाया गया है।