लोनी। भारत के मुसलमान बहुत अच्छे हैं। कुछ लोगों के गलत कार्य ने उन्हें बदनाम किया है। यह बात जानलेवा हमले में घायल यू-ट्यूबर सलीम वास्तिक ने आवाज लाैटने पर कही। सलीम ने कहा कि वह आगे भी अपने मुस्लिम परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वीडियो बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया वह पाकिस्तानी संगठनों से जुड़े हैं। वहीं से उन्हें फंड आता था। अधिकारियों ने सलीम की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
सलीम वास्तिक ने बताया कि अब मेरा स्वास्थ्य ठीक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दीन और अल्लाह को इस हिसाब से मानते हैं कि उन्हें ऐसी घटना से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता। इस प्रकार के लोग हमारे बच्चों को भी गलत जानकारी देते हैं। कुरान कहता है कि दीन में कोई जबरदस्ती नहीं है। कोई उन्हें माने या नहीं माने। उन्होंने अल्लाह के दर पर जन्नत बनाकर रखी है। उनके वीडियो से कुछ लोगों की रोजी रोटी पर असर पड़ रहा था। उन लोगों की दुकानदारी पर असर पड़ रहा था। उन्हीं लोगों ने हमला भी किया। भारत के सारे मुसलमान ऐसे नहीं हैं।
सलीम ने कहा कि कमियां सभी धर्मों में होती हैं। हिंदू धर्म में भी कमियां थी, उन्होंने दूर कर लीं। सिखों ने भी कमियों को दूर कर लिया है। हमारी मुसलमान कौम स्कूलों से दूर हो रही थी। सलीम ने कहा कि उनका मकसद बस यही है कि मुसलमान कामयाबी की तरफ आए। भारत के मुसलमान हिंदुस्तान की तरक्की के लिए काम करें। वह इसके लिए ही कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा कि लोनी थाना इंचार्ज मुकेश सोलंकी ने बहुत मेहनत और ईमानदारी से काम किया। उन्होंने कहा कि ऊपर वाले का धन्यवाद तो है लेकिन देश के बहुत लोगों ने उनके लिए दुआ मांगी। मुस्लिम के साथ-साथ हिंदुओं ने उनके लिए मंदिरों में पूजा पाठ की। हवन कर उनकी सलामती की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरी तरह स्वास्थ्य होकर फिर से मुस्लिम लोगों की तरक्की के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
सलीम पर दो भाइयों ने हमला किया था
धार्मिक कुरीतियों के खिलाफ बोलने वाले यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर 27 फरवरी को उनके अली गार्डन कॉलोनी स्थित कार्यालय में घुस कर दो भाइयों जीशान और गुलफाम ने चाकू से हमला कर जानसे मारने की कोशिश की थी। दोनों ने उनका गला रेतने की कोशिश की थी। सलीम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुठभेड़ में उन्हें ढेर किया था।