टीएचए की कालोनियों में गंगाजल सप्लाई बंद नहीं होगी। रेजिडेंट्स को निर्बाध गंगाजल मिलता रहेगा। नगर निगम दो दिन में जल निगम को 75 लाख रुपये का भुगतान कर देगा। सोमवार को ही नगर निगम ने चेक तैयार कर लिया, लेकिन नगर आयुक्त की गैरमौजूदगी की वजह से चेक साइन नहीं हो पाया। अब लखनऊ से लौटकर नगर आयुक्त चेक पर साइन कर जल निगम को जारी करेंगे।
हर साल की तरह वित्तीय वर्ष के अंत में जल निगम ने इस बार भी नगर निगम को गंगाजल के बकाया भुगतान के लिए नोटिस जारी किया है। वर्ष 2012 से 31 मार्च 2016 तक नगर निगम पर गंगाजल का 16.05 करोड़ रुपया बकाया है।
बीते साल भी जल निगम की ओर से ऐसा ही नोटिस जारी किया गया था। तब नगर निगम ने 25 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। हालांकि तब भी चेतावनी के बावजूद जल निगम ने टीएचए की कालोनियों की गंगाजल सप्लाई बंद नहीं की। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर जल निगम ने फिर नगर निगम को नोटिस जारी कर बकाया रकम मांगी है।
हर साल की तरह इस बार भी जल निगम ने नगर निगम की कालोनियों में गंगाजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। गंगाजल प्लांट प्रभारी व जल निगम के अधिशासी अभियंता आरके अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को निगम अधिकारियों से वार्ता हुई है।
उन्होंने नगर आयुक्त अब्दुल समद के ट्रेनिंग पर चले जाने की वजह से भुगतान में देरी होने की बात कही है। नगर निगम अफसरों ने 75 लाख रुपये का भुगतान 31 मार्च से पहले करने का आश्वासन दिया है।
आरके अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2012 से मार्च 2016 तक नगर निगम पर 16.05 करोड़ रुपया बकाया हो चुका है। ऐसे में गंगाजल प्लांट के खर्च को निकाल पाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि 75 लाख रुपये का भुगतान मिलने पर गंगाजल की सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। बकाया राशि के लिए निगम अधिकारियों से वार्ता कर भुगतान की तारीख तय की जाएगी।
अधिकारी बोले
जल निगम को 75 लाख का भुगतान दो दिन में कर दिया जाएगा। भुगतान की तैयारी पहले से की जा रही थी। नगर आयुक्त के ट्रेनिंग पर चले जाने के कारण भुगतान नहीं हो सका था। फिलहाल नगर आयुक्त शहर में नहीं है। उनके लौटते ही चेक साइन कर भुगतान किया जाएगा। - एके मिश्रा, अकाउंट ऑफिसर, नगर निगम