फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजियाबाद कोर्ट हंगामा: नहीं हो सकी गवाही-बहस, मुकदमों में लगी तारीख; हड़ताल को लेकर अधिवक्ताओं ने कही ये बात

Tue, 05 Nov 2024 11:01 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा सिकरी का कहना है कि जब तक अधिवक्ताओं को न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा। इसके जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी हैं।
विज्ञापन
कचहरी में प्रदर्शन करते अधिवक्ता (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कचहरी में हड़ताल होने से सीबीआई और ईडी कोर्ट सहित सेशन कोर्ट, परिवार न्यायालय और मजिस्ट्रेट कोर्ट में गवाही और बहस नहीं हो सकी। लगभग दस हजार मुकदमों में तारीख लग गई। मंगलवार को सीबीआई कोर्ट में नोएडा के यूनियन बैंक घोटाले में आरोपी बैंक प्रबंधक मनोज कुमार, स्वास्थ्य विभाग में हुए एनआरएचएम घाेटाले में पूर्व मुख्य सचिव प्रदीप शुक्ला के केस, नोएडा विकास प्राधिकरण के टेंडर घोटाले सहित अन्य में सुनवाई होनी थी। सभी मामलों में अलग-अलग तारीख लग गई।

विज्ञापन

हड़ताल के लिए न्यायिक अधिकारी जिम्मेदार
अधिवक्ता अजयवीर चौधरी का कहना है कि इसके लिए न्यायिक अधिकारी जिम्मेदार हैं। अजयवीर का कहना है कि अधिवक्ता वादकारियों की पैरवी के लिए अदालत में उपस्थित होते हैं, लेकिन जनपद न्यायाधीश अदालत के अंदर ही निहत्थे अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज कराते हैं। ऐसे में जब अधिवक्ता ही अदालत में पीटे जाएंगे तो वादकारी को न्याय कैसे मिलेगा।

काम नहीं होने के जिम्मेदार जनपद न्यायाधीश
पूर्व सचिव विजय गौड़ का कहना है कि वादकारियों की परेशानी का कारण न्यायाधिकारी हैं, अधिवक्ता तो सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। रोज की तरह ही अधिवक्ता सोमवार को भी कचहरी में आए थे, लेकिन अदालत में पेश नहीं हुए, इसके जिम्मेदार सिर्फ जनपद न्यायाधीश हैं।

तबादला होने तक जारी रहेगा संघर्ष
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा सिकरी का कहना है कि जब तक अधिवक्ताओं को न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा। इसके जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी हैं, अधिवक्ता तो सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
विज्ञापन

हाईकोर्ट जल्द कार्रवाई करे
अधिवक्ता पायल चौहान का कहना है कि इस घटना को न्यायिक क्षेत्र में काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। जनपद न्यायाधीश के रूढिवादी रवैये के कारण वादकारी परेशान हो रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट जल्द से जल्द जनपद न्यायाधीश के खिलाफ कार्रवाई करे, उसके बाद आंदोलन भी समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें