सिहानी निवासी दीपक ने बताया कि उनकी बहन मुस्कान (13) आठवीं की छात्रा थी। वह नंदग्राम में ही एक निजी स्कूल में पढ़ रही थी। बुधवार को स्कूल में सुबह 11 बजे पेट में दर्द होने पर परिजनों को सूचना मिली। स्कूल से ले जाकर मरियम नगर में भर्ती कराया। वहां डॉक्टर ने बताया कि स्थिति गंभीर है, इसलिए 50 हजार रुपये तत्काल जमा कराओ। दीपक ने बताया कि उनके पिता ने कहा रेफर कर दो। इस पर डॉक्टर ने कहा कि ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस से जाना।
आरोप है कि एंबुलेंस आने से पहले ही उसकी ऑक्सीजन हटा दी। सांस लेने में परेशानी होने पर कई स्टाफ ने उसके सीने पर लगातार तेज कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया, इससे किशोरी के मुंह और नाक से खून आने के साथ ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि किसी भी स्टाफ ने मामले की जानकारी नहीं दी। शाम को जब काफी संख्या में लोग जबरदस्ती वार्ड में घुसे तब पता चला कि मुस्कान की मौत हो चुकी थी।
वहीं इस मामले में अस्पताल के प्रबंधक ललित गोयल का कहना है कि बच्ची काफी गंभीर हालत में लाई गई थी। उसका इलाज कर रहे डॉ. वीबी जिंदल ने बताया था कि मधुमेह का स्तर 450 हो गया था। परिजनों को भी जानकारी दी गई थी कि स्थिति काफी गंभीर है। अचानक तेज सांस उखड़ने लगी थी, उस समय डॉक्टरों की टीम ने सीपीआर दिया था। इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।