स्कूलों में पढ़ने के बजाय बच्चे मिड डे मील खाकर लौट आते हैं। वहीं, ज्यादातर स्कूलों में बच्चे ही एक दूसरे को गिनती और कविता सिखाकर पांच घंटे की पढ़ाई पूरी करते हैं। यह हाल किसी एक-दो स्कूल का नहीं बल्कि नगर क्षेत्र के दस जूनियर हाईस्कूलों का है, जो एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
छात्रों को नए सत्र में नए शिक्षक मिलने की उम्मीद भी धूमिल हो चुकी है। इसकी वजह से क्लास में बच्चे स्वयं ही खड़े होकर अपना पीरियड लगाते हैं। शिक्षकों का प्रमोशन न होने से शहर के दस जूनियर हाईस्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को एक ही शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित गोस्वामी ने बताया कि प्रमोशन के लिए संघ कई बार डिमांड कर चुका है, इसके बावजूद शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि एक ही शिक्षक पर क्लास के साथ ही कार्यालय का कार्य और मिड डे मील खिलाने से लेकर रजिस्टर तक का काम करने की जिम्मेदारी है।
इस संबंध में बीएसए डा. प्रवेश यादव का कहना है कि शिक्षकों की कमी पूरे प्रदेश में चल रही है। जिले में पिछले दिनों कुछ प्रमोशन किए गए हैं, लेकिन यदि सभी का प्रमोशन हो जाएगा तो प्राथमिक विद्यालय से शिक्षक खाली हो जाएंगे।
एक अध्यापक वाले विद्यालय छात्र संख्या
बम्हैटा जूनियर हाई स्कूल 32
अर्थला जूनियर हाई स्कूल 155
मोरटा जूनियर हाई स्कूल 43
रजापुर जूनियर हाई स्कूल 43
राइटगंज जूनियर हाई स्कूल 52
सुभाषनगर जूनियर हाई स्कूल 45
विद्यालय जिसे चला रहे प्रभारी
बयाना जूनियर हाई स्कूल 32
कैला जूनियर हाई स्कूल 106
लट्ठमार कालोनी जूनियर हाई स्कूल 114
दुहाई जूनियर हाई स्कूल 50