गाजियाबाद। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति में कोई फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे। विवि ने राजकीय, एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से विषयवार शिक्षकों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। ब्योरा जमा होने के बाद विवि की ओर से ब्योरा की स्थिति जांचने के लिए औचक निरीक्षण किया जाएगा।
जांच में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कॉलेजों की मान्यता पर भी संकट छा सकता है। साथ ही डाटा मुहैया नहीं कराने पर कॉलेजों को सत्र 17-18 में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। कॉलेजों को कोर्स, संबद्धता वर्ष, स्वीकृत छात्र संख्या, मान्यता की स्थिति (स्थायी या अस्थायी), कोर्स वाइज प्राचार्य व शिक्षकों का विवरण, नियुक्ति की तारीख, विवि से अनुमोदन की तारीख और शिक्षकों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी विवि को हर हालत में 31 मार्च तक वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
आपको बता दें कि शिक्षकों की नियुक्तियों में फर्जीवाड़े की शिकायत सबसे ज्यादा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में आती हैं। कॉलेजों की ओर से एक ओर कम योग्यता रखने वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। दूसरा तय मानकों के आधार पर भी शिक्षकों की संख्या कम होती है।
विवि के मीडिया प्रभारी प्रशांत कुमार ने बताया कि कई कॉलेजों में फर्जी शिक्षकों की नियुक्तियों की शिकायतें विवि को मिली है। मामले की पूरी पड़ताल के लिए पहले सभी कॉलेजों से शिक्षकों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। सारी जानकारी वेबसाइट पर आने के बाद विवि की टीम कॉलेजों में औचक निरीक्षण कर, रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल करेगी।