फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शौर्य की कहानी बयां करेगा टी-55 टैंक: नगर निगम ने शहीद स्थल का कराया सौंदर्यीकरण, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कराई स्थापना

Tue, 04 Jan 2022 10:58 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने बताया कि 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले इस टी-55 टैंक को नए टी-72 टैंक के सेना में शामिल किए जाने के बाद बाहर कर दिया गया था। कहा कि गाजियाबाद का क्रांति में स्वर्णिम इतिहास रहा है। 1857 से लेकर अब तक सैनिकों और सैन्य अधिकारियों ने देश के लिए शहादत दी है। 
विज्ञापन
टी-55 का सांसद वीके सिंह ने लोकार्पण किया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले टी-55 युद्धक टैंक (ट्रॉफी) को नगर निगम मेरठ तिराहा स्थित शहीद स्थल पर स्थापित कराया। पूर्व सेनाध्यक्ष व स्थानीय सांसद वीके सिंह ने मंगलवार को एक समारोह के दौरान इस टैंक की स्थापना कर जनता को समर्पित किया। कहा कि यह टैंक गाजियाबाद के लोगों को सेना के शौर्य की याद दिलाएगा। 
विज्ञापन


 केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने बताया कि 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले इस टी-55 टैंक को नए टी-72 टैंक के सेना में शामिल किए जाने के बाद बाहर कर दिया गया था। कहा कि गाजियाबाद का क्रांति में स्वर्णिम इतिहास रहा है। 1857 से लेकर अब तक सैनिकों और सैन्य अधिकारियों ने देश के लिए शहादत दी है। 

करगिल युद्ध में जान पर खेलकर दुश्मनों को मार भगाने वाले योगेंद्र यादव भी इसी शहर में रहते हैं। देश के लिए प्राणों की आहूति देने वाले मेजर मोहित शर्मा, समीर अबरोल व अन्य शहीदों के परिवार भी यहां रह रहे हैं। यह टैंक उनकी याद दिलाएगा। मंगलवार को इसके स्थापना समारोह में इन शहीदों के परिजनों को भी बुलाकर सम्मानित किया गया। 
विज्ञापन


नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने यह टैंक निशुल्क दिलाए जाने पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का आभार जताया। इस दौरान डीएम आरके सिंह, एसएसपी पवन कुमार, नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर, शहीद मेजर मोहित शर्मा के पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार मौजूद रहे। 
विज्ञापन

पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चो पर सेना में दिखाया था शौर्य 

शहीद स्थल पर स्थापित किए गए युद्धक टैंक टी-55 का भारतीय सेना ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। इन टैंकों को पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर लगाया गया था। पूर्वी मोर्चे पर 10-11 दिसंबर 1971 को नैनाकोट की लड़ाई के दौरान भारतीय टी-55 टैंकों ने बिना किसी नुकसान के 9 पाकिस्तानी टैंकों को नष्ट किया था। पश्चिमी मोर्चे पर 4 से 16 दिसंबर 1971 के बीच बसंतर और बारपिंड की लड़ाई में पाकिस्तान के करीब 46 टैंकों को इन्होंने नष्ट किया था।

टैंक की खासियत 
वजन        ---    36 हजार किलोग्राम
लंबाई     ---        9 मीटर 
चौड़ाई    ---        3.37 मीटर 
ऊंचाई    ---        2.40 मीटर 
कर्मी दल    --     4 
मुख्य अस्त्र    --    100 एमएम डी-10टी झीरी गन
माध्यमिक अस्त्र --    12.7 एमएम मशीन गन  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें