विदेशों की तर्ज पर अब गाजियाबाद को भी साफ-सुथरा बनाने के लिए कड़े नियम बनाने की कवायद शुरू हुई है। सड़कों पर कूड़ा फेंकने, पालतू पशुओं के गंदगी करने पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने ‘स्पॉट फाइन पॉलिसी’ बनाई है।
इस पॉलिसी के दायरे में चाय की दुकान वाले से लेकर बड़े अस्पतालों, होटलों और डेयरियों को भी शामिल किया गया है। 22 जून को कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस पॉलिसी को मंजूरी मिल सकती है।
दिल्ली से सटा गाजियाबाद साफ-सफाई के मामले में अन्य शहरों से काफी पिछड़ा हुआ है। कड़े नियम न होने की वजह से यहां सड़कों पर कूड़ा फेंकना, मलबा डालना, बिल्डिंग मेटीरियल डालकर रास्ता रोकना, गोबर सड़कों पर डालना और दुकानों, होटलों, रेस्तरां से निकला कचरा सड़क पर डालना आम बात हो गई है। पॉलिसी न होने की वजह से निगम भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। महापौर ने निगम अधिकारियों को इसके लिए पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए थे।
अब नगर निगम ने पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। चर्चा के लिए इसे कार्यकारिणी और बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
डॉगी ने गंदगी की तो मालिक भरेगा जुर्माना
डॉगी को घुमाने के दौरान अगर उसने सड़क पर गंदगी की तो मालिक को 200 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ेगा। निगम ने फाइन पॉलिसी में गाय-भैंस, बकरी, भेड़, ऊंट, घोड़ा, सुअर आदि पालतू पशुओं को भी शामिल किया है।
इन पर लगेगा जुर्माना
आवासीय, दुकानदार, रेस्तरां, होटल और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से खुले में कचरा डालने पर क्रमश: 100, 250, 400, 500 और 1000 रुपये फाइन लगेगा।
ठेला व्यवसायियों द्वारा कचरा फैलाने पर 200 रुपये, गोबर सड़क पर डालने और सीवर-नाले में बहाने पर 1000 रुपये, बिल्डिंग मैटेरियल सड़क पर डालने पर 1000 रुपये, सरकारी भवनों, चौराहों पर स्लोगन लिखने, पोस्टर लगाने पर 1500 रुपये, रोड काटने-नाली तुड़वाने पर 500 रुपये, दुकानदारों के ढक्कन वाले डस्टबिन न रखने पर 500 रुपये, मीट की दुकानों का कचरा फैलाने पर 500 रुपये, हेयर कटिंग सैलून द्वारा गंदगी फैलाने पर 100 रुपये, आम रास्ता, सड़क-दुकानों के सामने खाली सरकारी जमीन पर भवन सामग्री डालकर व्यवसाय करने पर 2500 रुपये, अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक-दवाखाना द्वारा गंदगी डालकर फैलाने पर 1000 रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगाया जाएगा।
‘शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए यह पॉलिसी बनाना आवश्यक था। कार्यकारिणी और बोर्ड से मंजूरी के बाद इस पॉलिसी को लागू किया जाएगा। गाइड लाइंस का उल्लंघन किए जाने पर निगम की टीम संबंधित लोगों से जुर्माना वसूलेगी। इसकी मॉनीटरिंग के लिए टीमें बनाई जाएंगी।’ - अशु वर्मा, महापौर