मोदीनगर। आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान वर्ष 1990 में पुलिस की गोली से मारे गए दो छात्रों की याद में शनिवार को नगर में काला दिवस मनाया गया। छात्रों ने जुलूस निकालकर दोनों शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और राज चोपले को शहीद चौक घोषित करने की मांग उठाई। छात्र पिछले 36 वर्षों से लगातार 26 सितंबर को काला दिवस मनाते आ रहे हैं। काला दिवस के चलते नगर के अधिकांश स्कूल-कॉलेज बंद रहे।
इतिहास के पन्नों को देखें तो वर्ष 1990 में आरक्षण विरोधी आंदोलन पूरे देश में उबाल पर था। 26 सितंबर 1990 को मोदीनगर में छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में दो छात्रों की मौत हो गई थी। इनमें भदौला गांव निवासी युवराज सिंह और गोविंदपुरी निवासी संजय कौशिक शामिल थे। दोनों की शहादत को छात्र आज भी नहीं भूले हैं। युवराज सिंह की प्रतिमा दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित मुल्तानीमल मोदी पीजी कॉलेज प्रांगण में और संजय कौशिक की प्रतिमा गोविंदपुरी में स्थापित है।
शनिवार सुबह बड़ी संख्या में वर्तमान और पुरातन छात्र मुल्तानीमल मोदी पीजी कॉलेज में एकत्र हुए। छात्रों ने युवराज सिंह की प्रतिमा पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और माल्यार्पण किया। इसके बाद छात्र जुलूस के रूप में दिल्ली-मेरठ मार्ग से होते हुए गोविंदपुरी स्थित संजय कौशिक की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। वहां भी दिवंगत छात्र को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इसके बाद जुलूस वापस दिल्ली-मेरठ मार्ग होते हुए मुल्तानीमल मोदी पीजी कॉलेज पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
इस दौरान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विनोद वैशाली और रालोद नेता सतेंद्र तोमर भी दोनों प्रतिमा स्थलों पर पहुंचे और शहीदों को नमन किया। छात्रों ने नायब तहसीलदार मुकेश शर्मा को ज्ञापन सौंपकर राज चोपले को शहीद चौक घोषित करने की मांग की। इस पर पालिका अध्यक्ष विनोद वैशाली ने कहा कि वह स्वयं छात्र जीवन में इस मांग में शामिल रहे हैं। नगर पालिका द्वारा इसे शहीद चौक घोषित किया जा चुका है और आरओबी निर्माण पूरा होते ही इसे भव्य रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम में युवराज सिंह के छोटे भाई अनुराग प्रधान भदौला, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष योगेश तिवारी, अर्जुन ढिंडाला, प्रियांशु सिंघल, विशाल नेहरा, राहुल गुर्जर, सभासद मोनू धामा, पिंकल गुर्जर, रवि अमराला, शक्ति नेहरा सहित कई छात्र मौजूद रहे।