साहिबाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर गाजियाबाद में एक राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) और अग्नि सुरक्षा पर केंद्रित था। इसका उद्देश्य आपात स्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय और प्रभावी बचाव कार्यों का मूल्यांकन करना था। इंदिरापुरम की एटीएस, टीला मोड़ के भारत गैस प्लांट और मोदीनगर के स्कूल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन व आपात सेवा ने भाग लिया। पुलिस विभाग, यातायात पुलिस, सिविल डिफेंस, नगर निगम, जीडीए, रेडियो विभाग और स्वास्थ्य विभाग भी शामिल थे। इन सभी प्रमुख विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान आपदा की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। संबंधित विभागों की टीमों ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। उन्होंने अग्निशमन कार्रवाई, प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार का अभ्यास किया। एटीएस की बहुमंजिला इमारत में धुआं निकालता देख कुछ देर के लिए तो सोसायटी के लोग परेशान हो गई। हालांकि बाद में लोगों को बताया गया कि ये मॉक ड्रिल है। हादसे के दौरान लोगों को कैसे बचाया जाता है, उसका उदाहरण है।
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प्रमुख अभ्यास स्थल
मॉक ड्रिल के लिए गाजियाबाद में तीन प्रमुख स्थल चिह्नित किए गए थे। इनमें इंदिरापुरम स्थित एटीएस एडवांटेज अहिसाखंड-1 शामिल था। इसके अतिरिक्त, बीपीसीएल लोनी और डीएएन मोदी साइंस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज मोदीनगर भी अभ्यास के केंद्र रहे। सीएफओ ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा। अग्निशमन कार्रवाई, घायलों को प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी की क्षमताओं का भी अभ्यास किया गया।