गाजियाबाद। 15 फरवरी की रात फॉल्ट ठीक करने गए लालकुआं बिजलीघर पर तैनात एसएसओं ललित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आने पर शनिवार को परिजनों ने घंटाघर कोतवाली पर हंगामा किया और जीटी रोड पर धरना देकर बैठ गए। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो परिजन शांत हुए। इसके अलावा ललित के परिजनों ने ऊर्जा निगम से मृतक आश्रित कोटे से परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की।
लालकुआं बिजलीघर पर ललित कुमार की सब स्टेशन ऑपरेटर के पद पर तैनाती थी। 15 फरवरी को एनएचएआई की स्ट्रीट लाइट वाली लाइन को ठीक करने के दौरान ललित करंट की चपेट में आ गए थे। लोगों ने उन्हें यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मृत्यु के 15 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हे पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। शनिवार को ललित के परिजनों ने घंटाघर कोतवाली पहुंचकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिए जाने व परिवार के एक सदस्य की नौकरी दिलाए जाने की मांग की। एसीपी कोतवाली रविंद्र वर्मा ने बताया कि ललित के परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग कर रहे थे जिसे दिलवा दिया है। वहीं, ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता महफूज आलम का कहना है कि जांच के दौरान अवर अभियंता नीरज शर्मा और लाइनमैन रनसिंह के खिलाफ किसी तरह के साक्ष्य नहीं मिले हैं।