महाजनान कॉलोनी में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। गलियों और छतों पर बंदर का कब्जा है। हालात यह है कि दोपहर के वक्त बंदरों के आतंक से गलियां सूनी हो जाती हैं। महिलाओं ने छतों पर जाना बंद कर दिया। शिकायत के बाद भी नगर पालिका अधिकारी बंदरों को पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
महाजनान कॉलोनी में बंदरों का खौफ इस कदर है कि लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है। कॉलोनी निवासी गुंजन गर्ग, रिचा गर्ग, बंटी, विष्णु मित्तल, अरविंद भारतीय आदि का कहना है कि बंदरों के डर से महिलाओं ने छतों पर कपड़े सुखाने बंद कर दिए हैं और बच्चों ने गलियों में खेलना बंद कर दिया है।
बंदरों के डर से लोगों ने अपने को घरों में कैद कर लिया है। बुजुर्ग हाथ में लाठी लेकर घरों से बाहर निकलते हैं। कुछ महीने पहले बंदरों के हमले में छत से गिरकर एक नामी पहलवान की मौत हो गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद भी नगर पालिका के अधिकारी बंदरों को पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
उधर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शमीम अहमद का कहना है कि हमारे पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर बंदर को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।